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बागपत में ओवरलोड डग्गामार वाहन बन रहे मुसीबत:आए दिन इनके चलते होते हैं हादसे, विरोध करने सड़क पर उतर रहे छात्र

बागपत3 महीने पहले
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बागपत में ओवरलोड डग्गामार वाहनों के चलते आए दिन होते हैं सड़क हादसे। - Money Bhaskar
बागपत में ओवरलोड डग्गामार वाहनों के चलते आए दिन होते हैं सड़क हादसे।

बागपत में ओवरलोड डग्गामार वाहनों के चलते सड़कों पर होने वाले हादसे बढ़ते जा रहे हैं। अब वाहन चालकों की मनमानी के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं। परिवहन निगम की लापरवाही और पुलिस संरक्षण के कारण सभी रूट पर डग्गामार वाहनों का आवागमन बढ़ता ही जा रहा है। मनमाने ढंग से सवारियां बैठाकर, अधिक पैसा वसूलना, अभद्र व्यवहार करना इन लोगों की आदत बन चुकी है। टेंपू में 5-6 सवारियों के लिए सीट होती है, लेकिन इनमें 30-35 सवारियां लेकर चलते है। टेंपू की छत पर भी सवारी बैठने से दुर्घटनाएं होता हैं।

इनकी तेज रफ्तार से सड़कें होती हैं क्षतिग्रस्त
जिले में ओवरलोड वाहनों पर परिवहन विभाग का नियंत्रण नहीं रह गया है। यही कारण है कि दिन रात सड़कों पर ओवरलोड वाहन दौड़ते रहते हैं। जिनसे करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग ओवरलोड वाहनों के न चलने संबंधी चिट्ठी परिवहन विभाग को लिखता है लेकिन उस पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती है।

इन सड़कों पर चलते हैं ओवरलोड वाहन
जिले के दिल्ली-सहारनपुर हाईवे के अलावा बड़ौत-छपरौली, बड़ौत-अमीनगर सराय, किशनपुर बराल-छपरौली, बड़ौत-मेरठ मार्ग, बड़ौत-कोताना रोड पर ओवरलोड वाहन चलते हैं। इन सभी मार्गों पर बालू से भरे वाहन और ईंटों से भरे ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉलियां चलती हैं। बालू के ओवरलोड ट्रक रात के समय चलते हैं जबकि ईंटों से भरे ट्रक शाम से लेकर आधी रात तक चलते हैं। बालू से भरे वाहन मेरठ, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर जाते हैं। जबकि ईंटों से भरे वाहन दिल्ली जाते हैं। इनके खिलाफ विभाग कभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है।