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बसौलिया को बाढ़ से बचाने की तैयारी शुरू:गांव के पास कराया जा रहा ठोकरों का निर्माण, गंगा के कटान से बर्बाद होती है हजारों बीघा फसल

सहसवानएक महीने पहले
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बसौलिया को बाढ़ से बचाने की तैयारी शुरू, गांव के पास कराया जा रहा ठोकरों का निर्माण। - Money Bhaskar
बसौलिया को बाढ़ से बचाने की तैयारी शुरू, गांव के पास कराया जा रहा ठोकरों का निर्माण।

बारिश के दौरान गंगा में आने वाली बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए बाढ़ खंड द्वारा बचाव कार्य कराया जा रहा है। इसमें कटान की दृष्टि से सबसे अधिक संवेदनशील गांव बसौलिया के पास गंगा महावा बांध के किमी संख्या 12 और 12.500 के नजदीक ठोकरों का निर्माण कराया जा रहा है। जगह जगह क्षतिग्रस्त बांध पर अभी मिट्टी का कार्य नहीं कराया जा रहा है।

हर साल कहर बरपाती है बाढ़
बता दें कि प्रतिवर्ष गंगा में आने वाली बाढ़ तहसील क्षेत्र में जमकर कहर बरपाती है। पिछले दो-तीन वर्षों में बाढ़ का प्रकोप बहुत अधिक तो नहीं रहा, लेकिन कटान के रूप में गंगा ने जमकर तबाही मचाई। जलस्तर घटने बढ़ने की सूरत में पैनी हुई धाराओं ने हजारों बीघा कृषि भूमि काट दी। यहां तक कि कटान करती गंगा की लहरें गांव बसौलिया के पास गंगा महावा बांध के 50 मीटर पास तक आ पहुंची थीं।

साढ़े पांच करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण
बाढ़ खंड ने प्रयास कर लहरों को बांध तक पहुंचने से रोक लिया था। बाढ़ खंड इस बार बाढ़ आने से पहले ही इस स्थान पर दो ठोकरों का निर्माण करा रहा है। करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से ‌‌‌‌ बन रही इन ठोकरों के बनने से बांध के इस स्थान से खतरे की आशंका टल जाएगी। हालांकि‌ गत वर्ष बारिश से जगह-जगह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त बांध पर मिट्टी कार्य अभी नहीं कराया जा रहा है। जेई रामअवतार आर्य ने बताया कि बसौलिया के पास दो ठोकरों का निर्माण कराया जा रहा है। मिट्टी कार्य कराए जाने का अभी आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। बारिश से पूर्व सभी बचाव कार्य पूर्ण करा लिए जाएंगे।

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