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बदायूं...3 साल से नहीं मिला एक भी 'नेक आदमी':सड़क हादसों में घायल तोड़ रहे दम, नेक व्यक्ति नहीं बन रहे हमदम

बदायूं2 महीने पहले
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बदायूं में 3 साल से नहीं मिला एक भी 'नेक आदमी'। - Money Bhaskar
बदायूं में 3 साल से नहीं मिला एक भी 'नेक आदमी'।

बदायूं जिस जिले की आबादी तकरीबन 37 लाख के आसपास हो, वहां एक नेक इंसान न रहता हो यह पढ़ने और सुनने में अजीब जरूर लगेगा, लेकिन जिले में कुछ ऐसा ही हैरतंगेज आंकड़ा सामने आया है। शासन द्वारा चलाई गई ‘गुड सेमेरिटन योजना’ में 3 साल में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं मिला है, जिसने सड़क हादसे में घायल हुए व्यक्ति को जिला अस्पताल तक पहुंचाने का काम किया हो।

ऐसा करने वाले मददगार को DM की ओर से 2 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। वजह चाहे जो भी रही हो, लेकिन इंसानियत को बढ़ावा देने वाली इस योजना को बदायूं में पलीता लग चुका है।

2018 में शासन ने शुरू की थी योजना

साल 2018 में शासन की ओर से गुड सेमेरिटन (नेक आदमी) योजना शुरू की गई थी। इसके तहत सड़क हादसे में घायल हुए किसी भी अंजान व्यक्ति को कोई भी राहगीर संबंधित सीएचसी-पीएचसी या आसपास के सरकारी अस्पताल अथवा मेडिकल कॉलेज में ले जाकर अगर भर्ती कराता है तो उसे गुड सेमेरिटन यानी नेक इंसान का तमगा दिया जाना था।

केवल तमगा ही नहीं संबंधित अस्पताल से उस व्यक्ति को तत्काल इसका प्रमाण पत्र भी जारी होना है। इतना ही नहीं बाद में प्रशासन स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट पर उस व्यक्ति से संपर्क साधकर उसके खाते में प्रोत्साहन राशि के रूप में 2 हजार रुपए भी डालेगा। ताकि भविष्य में वह अन्य लोगों की भी मदद करे और इंसान के इंसान काम आए।

यह भी था योजना में शामिल

इस योजना में घायल को जिला अस्पताल लाने वाले का नाम-पता भी उसकी मर्जी से ही पूछा जा सकता है। अगर वह चाहे तो अपना नाम-पता बताकर सर्टिफिकेट ले सकता है और न चाहे तो अस्पताल में भर्ती कराकर वहां से जा सकता है। न तो संबंधित व्यक्ति से पुलिस किसी भी स्तर पर पूछताछ कर सकती है और न ही उसे गवाह के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। कुल मिलाकर किसी भी स्तर पर नेक आदमी को सरकारी पचड़े से बचाए रखने की व्यवस्था की गई थी।

यहां भी मिलता सम्मान

नेक आदमी का नाम संबंधित थाने में बोर्ड लगाकर दर्ज किया जाना है। ताकि उसके देखा देखी और लोग भी प्रभावित हों। साथ ही ऐसा काम करें कि सम्मानित जनों की सूची में उनका नाम शामिल हो सके।

बोले जिला अस्पताल के सीएमएस

जिला के सीएमएस बीबी राम ने बताया कि जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से ऐसे किसी व्यक्ति की रिपोर्ट प्रशासन को नहीं भेजी गई है, क्योंकि कोई नेक आदमी यहां नहीं पहुंचा। हालांकि योजना का प्रचार लगातार करवाया जा रहा है।

बोले एसपी ट्रैफिक प्रवीण चौहान

एसपी ट्रैफिक प्रवीण चौहान ने बताया कि सभी थानेदारों को नेक आदमी का नाम सम्मानित जनों की सूची में शामिल करने का निर्देश दिया जा चुका है। हालांकि प्रशासन द्वारा किसी नेक आदमी का नाम नहीं भेजा गया है।