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फूलपुर में तालाब में डूबने से दो किशोरों की मौत:तालाब में उतराते मिले शव, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

फूलपुर, आजमगढ़एक महीने पहले
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आजमगढ़ की फूलपुर कोतवाली के बिलारमऊ गांव के पोखरे में स्नान करने के लिए गए दो बालक डूब गए। डूब जाने से दोनों की मौत हो गई। दोनों को परिजन शाहगंज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया।

पोखरे में उतराते मिले शव
फूलपुर कोतवाली के बिलारमऊ निवासी सत्यम 15 वर्ष पुत्र सुरेंद्र चौरसिया और पवई थाना के कलान निवासी शुभम 15 वर्ष पुत्र राम अवध चौरसिया निवासी हैं। शुभम चार दिन पहले बिलारमऊ में अपने मौसा सुरेंद्र चौरसिया के यहां आया हुआ था। सत्यम अपने मौसेरे भाई शुभम को लेकर बुधवार को 11 बजे बिलारमऊ ईंट भट्ठे के पास पोखरे में स्नान करने के लिए चला गया था। काफी देर बाद गांव कोई लड़का भी स्नान करने के लिए गया, तो उसने देखा की दोनों बच्चे पोखरे में उतराए हुए हैं। उसने गांव के लोगों को जानकारी दी।

आनन-फानन में ले गए अस्पताल
जानकारी होने पर परिजनों के साथ गांव के लोग पोखरे पर उमड़ पड़े। दोनों बच्चों को पोखरे से बाहर निकाला गया। आनन-फानन में लोग जौनपुर जिले के शाहगंज अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने पहुंचकर दोनों बच्चों का पंचनामा बनवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घर पर मौजूद लोग
घर पर मौजूद लोग

सत्यम था इकलौता बेटा
सत्यम अपने माता पिता का इकलौता संतान था। सत्यम कक्षा 7 में पढ़ता था। सत्यम के मौसी का लड़का शुभम भी कक्षा 7 में कलान में पढ़ता था। सत्यम की मां आशा का रो रोकर बुरा हाल हो गया है। दोनों बालको के मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

इस घटना को लोगों ने दिया झकझोर
बिलारमऊ में बुधवार को दो मौसेरे भाई की डूबने से मौत को लेकर लोगों झकझोर दिया है। पवई थाना के कलान निवासी शुभम 15 वर्ष पुत्र राम अवध चौरसिया फूलपुर कोतवाली के बिलारमऊ में आपने मौसी आशा पत्नी सुरेंद्र चौरसिया के घर चार दिन पहले आया था । सत्यम अपने मौसेरे भाई शुभम के साथ अपने गांव बिलारमऊ स्थित पोखरे पर स्नान करने के लिए गया, जहां डूबकर उसकी मौत हो गई। दोनों मौसरे भाई के एक साथ डूब कर मरने से लोगो को झकझोर दिया है।

मृतक दोनों भाइयों के फाइल फोटो
मृतक दोनों भाइयों के फाइल फोटो

मृत सत्यम के पिता सुरेंद्र चौरसिया का कहना है कि सत्यम और शुभम दोनों मौसेरे भाइयों में बड़ा प्रेम था, दोनों एक साथ रहना पसंद करते थे। वहीं शुभम माता ऊषा चौरसिया का कहना है कि चार भाइयों में दूसरे नम्बर का था। शुभम अपने मौसी आशा के पास ही रहना पसंद करता था। दोनों की एक साथ मौत सब कुछ लूट गया है ।

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