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आजमगढ़ के किसान बोले चुनाव के कारण वापस हुआ बिल:किसानों ने की सरकार के फैसले की सराहना, किसानों को मिलेगा फायदा

आजमगढ़6 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले में केन्द्र सरकार द्वारा कृषि कानून वापस लेने का किया स्वागत। किसान श्याम नारायन यादव ने सरकार के फैसलें की सराहना। - Money Bhaskar
आजमगढ़ जिले में केन्द्र सरकार द्वारा कृषि कानून वापस लेने का किया स्वागत। किसान श्याम नारायन यादव ने सरकार के फैसलें की सराहना।

केन्द्र सरकार द्वारा तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने को लेकर आजमगढ़ जिले के किसानों ने स्वागत किया। किसानों का कहना है कि आने वाले चुनाव को देखते हुए यह बिल वापस लिया गया। किसानों का कहना है विगत 10 महीनों से किसान नोएडा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, लखीमपुर खीरी में लगातार धरना दे रहे थे। सरकार ने बिल वापस लेकर सराहनीय काम किया। इससे किसानों को राहत मिलेगी।

आजमगढ़ जिले के किसानों का कहना है कि सरकार ने चुनाव को देखते हुए लिया कृषि कानून वापस।
आजमगढ़ जिले के किसानों का कहना है कि सरकार ने चुनाव को देखते हुए लिया कृषि कानून वापस।

किसान नेताओं के आहवान का किया पालन
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए सठियांव के किसान राम समुझ यादव का कहना है कि किसान कानून के नाम पर सरकार ने किसानों पर बहुत जुल्म किया, पर किसान कानून वापस लेकर किसानों के लिए सराहनीय काम किया। किसान नेताओं ने जो आहवान किया उसका पालन किया गया। वहीं किसान दल सिंगार का कहना है कि किसान बिल वापस करने का काम सरकार का सराहनीय काम है। किसान 10 महीनों से धरना दे रहे थे। किसानों का कहना है कि इस कानून को लेकर किसान लगातार धरना दे रहे थे, पर आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने यह फैंसला लिया। इससे किसानों को भविष्य में राहत मिलेगी।

किसान कानून पर हो रही थी राजनीति

केन्द्र सरकार के इस कानून के विरोध में सभी विरोधी दल एक साथ हो गए थे। सपा, बसपा, कांग्रेस के सभी नेता भाजपा सरकार के इस कानून के विरोध में लगातार किसानों के पक्ष में खड़े थे। ऐसे में सरकार ने जिस तरह से कृषि कानून को वापस लेने का काम किया निश्चित रूप से इससे सरकार को आने वाले चुनाव में फायदा मिलता दिख रहा है।

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