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निरहुआ के संघर्ष की कहानी, बहन की जुबानी:बचपन से ही म्यूजिक से लगा था दिल; पिता के ड्यूटी जाते ही टीवी चलाकर नाचते थे

आजमगढ़3 महीने पहले
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भोजपुरी सुपरस्टार निरहुआ अपनी मां चंद्र ज्योति देवी, बड़ी बहन ललिता देवी (एकदम बाएं) और भोजपुरी अदाकारा आम्रपाली दुबे के साथ।

दिनेश लाल यादव निरहुआ भोजपुरी सुपरस्टार तो हैं ही, अब आजमगढ़ से सांसद भी बन गए हैं। मगर, उन्होंने असल जिंदगी में बहुत संघर्ष किया है। निरहुआ के जीवन के उतार-चढ़ाव को लेकर दैनिक भास्कर ने उनकी बड़ी बहन ललिता देवी से बातचीत की। उन्होंने कई ऐसी बातें बताईं, जिनके बारे में आज तक लोगों के नहीं पता है। आप भी पढ़िए निरहुआ के जीवन के जुड़े सवालों के जवाब।

पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा मन म्यूजिक में लगता था

बड़ी बहन ने बताया कि निरहुआ की शिक्षा पश्चिम बंगाल में हुई। मगर उनका पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा मन संगीत में लगता था। यही वजह है कि पिता के नौकरी पर चले जाने के बाद वह कमरा बंद कर टीवी चलाकर डांस किया करते थे। शुरू-शुरू में यह शौक में करते थे। मगर, धीरे-धीरे इससे पैसे आने लगे और परिवार का खर्च चलने लगा। निरहुआ को कार्यक्रमों में गाने के लिए बुलाया जाने लगा। उनके गाने सुनने के लिए देर रात तक भीड़ बैठकर इंतजार करती थी।

मां की गोद में लेते हुए निरहुआ ने यह फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है।
मां की गोद में लेते हुए निरहुआ ने यह फोटो अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट किया है।

बंगाल में नौकरी करते थे पिता
निरहुआ के पिता श्रीकुमार यादव पश्चिम बंगाल में प्राइवेट नौकरी करते थे। 1995 में वह अपने गांव आ गए। 2001 में पिता का निधन हो गया। इसके बाद घर-परिवार चलाने की जिम्मेदारी निरहुआ के कंधे पर आ गई थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी म्यूजिक में ही काम करना जारी रखा। यही वजह है कि उनकी मेहनत रंग लाई और आज इस मुकाम पर हैं।

आजमगढ़ के नवनिर्वाचित सांसद अपनी बड़ी बहन ललिता देवी और जीजा के साथ।
आजमगढ़ के नवनिर्वाचित सांसद अपनी बड़ी बहन ललिता देवी और जीजा के साथ।

निरहुआ सटल रहे... ने बदली लाइफ
ललिता देवी का कहना है कि हमारे ताऊ के बेटे विजय लाल यादव बिरहा गाने के साथ फिल्में भी बनाते हैं। उनसे भी निरहुआ को बहुत कुछ सीखने को मिला। साथ ही सहयोग भी मिला। निरहुआ गांव-गांव में कार्यक्रमों में गाना गाते थे। 2003 में एलबम ‘निरहुआ सटल रही’ ने उनको पहचान दी। हालांकि वह निरहुआ गाना गाकर भूल गए थे, लेकिन बाद में इसी गाने ने मेरे भाई को हीरो बना दिया। इसके बाद उन्होंने ‘निरहुआ रिक्शावाला’, ‘रंगीला बाबू’ जैसी कई भोजपुरी फिल्में कीं। इन फिल्मों में भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे के साथ निरहुआ की केमिस्ट्री को जनता ने भी खूब पसंद किया।

मां ने कहा था, जनता की सेवा करो
चुनाव परिणाम के दिन निरहुआ मां से आशीर्वाद लेकर ही जीत का सर्टिफिकेट लेने आए थे। मां ने कहा था कि जाओ और जनता की सेवा करो। जनता ने मौका दिया है, तो उनके साथ रहना। छोड़ कर भागना नहीं, जिससे जनता गाली न दे। बड़ी बहन का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के समय भी मां ने जनता की सेवा करने के लिए बोला था।

रक्षाबंधन पर जरूर मिलते हैं भैय्या
ललिता देवी का कहना है कि निरहुआ रक्षाबंधन को हम तीनों बहनों से जरूर मिलकर राखी बंधवाते हैं। उनका कहना है कि जब से टिकट मिला, तभी से हम लोग देवी-देवताओं से भाई की जीत के लिए मन्नत मांग रहे थे। भगवान ने हम लोगों की अरदास सुन ली।

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