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आजमगढ़ में अस्तित्व की लड़ाई लड़ेगी बसपा:2017 में चार सीटों पर विजई होने वाली पार्टी के पास बची एक सीट, छोड़ रहे हैं दामन

आजमगढ़2 महीने पहले
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आजमगढ़ जिले में लगातार बसपा के विधायक बसपा सुप्रीमो मायावती से किनारा कस रहे हैं, ऐसे में आने वाले समय में बसपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। - Money Bhaskar
आजमगढ़ जिले में लगातार बसपा के विधायक बसपा सुप्रीमो मायावती से किनारा कस रहे हैं, ऐसे में आने वाले समय में बसपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

आजमगढ़ जिले में 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा को अस्तित्व की लड़ाई से दो चार होना पड़ेगा। 10 विधानसभा सीटों वाले आजमगढ़ जिले में 2017 के विधानससभा चुनाव में बसपा को चार सीटें मिली थी। पर अब बसपा के पास एक मात्र सीट ही बची है। ऐसे में बसपा के सामने अपनी इकलौती सीट बचाने का संकट मंडराता दिख रहा है। जिले की सगड़ी विधानसभा से बसपा की विधायक रहीं वंदना सिंह ने जहां तीन दिन पूर्व भाजपा का दामन थाम लिया। वहीं मुबारकपुर से बसपा से दो बार के विधायक व नेता विधानमंडल दल शाह आलम उर्फ गुड्‌डू जमाली के नेता अपने पद से इस्तीफा देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी पर बोझ बनकर नहीं रहना चाहता। अभी तक गुड्‌डू जमाली ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं, पर सूत्रों की मानें तो सपा में ही शामिल होंगे। वहीं जिले की दीदारगंज विधानसभा से विधायक रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सुखदेव राजभर के निधन से भी बसपा की एक सीट खाली हुई है। हालांकि अपने निधन से कुछ दिन पूर्व ही सुखदेव राजभर अपने बेटे के साथ अखिलेश यादव से मुलाकात की थी, और अखिलेश यादव की तारीफ भी की थी। ऐसे में सुखदेव राजभर के बेटे का भी सपा से ही चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। बसपा के पास एक मात्र लालगंज सीट है जहां से अरिमर्दन आजाद विधायक हैं।

भाजपा लहर में बसपा ने जीती चार सीटें
2017 के विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में भाजपा की लहर थी, उस समय जिले की चार विधानसभा सीटों पर बसपा विजई हुई थी। जातिय समीकरण का फायदा बसपा को इस जिले में मिला। पर जिस तरह से प्रदेश से लेकर जिले तक बसपा में रस्साकसी चल रही है। और बड़ी संख्या में नेता बसपा से नाता तोड़ रहे हैं, निश्चित रूप से आने वाले विधानसभा के चुनाव में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

बसपा में मची भगदड़ के बारे में आरपीआई प्रवक्ता पवन उपाध्याय का कहना है कि अम्बेडकर के सिद्धांतो से भटक गई बसपा।
बसपा में मची भगदड़ के बारे में आरपीआई प्रवक्ता पवन उपाध्याय का कहना है कि अम्बेडकर के सिद्धांतो से भटक गई बसपा।

बसपा के आधार वोट को खींच रही आरपीआई
बसपा में मची भगदड़ के सवाल पर रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश प्रवक्ता पवन उपाध्याय का कहना है कि बसपा में जो भगदड़ मची है वह इसलिए नहीं मची की मायावती पैसा लेकर टिकट बांट रही है, बल्कि इसलिए मची है कि आरपीआई ने बसपा के आधार वोट को अपनी तरफ खींचना शुरू कर दिया है। मायावती ने बाबा साहेब भीम राव अम्बेडर का केवल नाम लेकर लोगो को बरगलाया कभी भी बाबा साहेब के सिद्धांत का पालन किया ही नहीं।

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