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अयोध्या...मोरारी बापू रामलला की शरण में:बोले;अब तो श्रीरामलला के मंदिर में ही कथा कहने का संकल्प,विश्व के लिये बड़ा शगुन है राममंदिर

अयोध्या9 महीने पहले
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अयोध्या के कारसेवकपुरम में रामकथा के पहले दिन राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने कहा कि  श्रीरामलला का भव्य मंदिर पूरी दुनिया के लिए आदरणीय है फिर वो चाहे किसी भी धर्म संप्रदाय के हों - Money Bhaskar
अयोध्या के कारसेवकपुरम में रामकथा के पहले दिन राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने कहा कि श्रीरामलला का भव्य मंदिर पूरी दुनिया के लिए आदरणीय है फिर वो चाहे किसी भी धर्म संप्रदाय के हों

अयोध्या के कारसेवकपुरम में अपनी नौ दिवसीय रामकथा के पहले सत्र में राष्ट्रीय संत मारोरी बापू ने कहा अयोध्या जी में मनोरथ अवश्य पूरा होता हैlअयोध्या का निर्णय,श्रीराम की प्रेरणा से और संत के संकल्प से होता है और उसे प्रभु अवश्य पूर्ण करते हैं।

अयोध्या के कारसेवकपुरम में अपनी कथा के दौरान भावपूर्ण मुद्रा में राष्ट्रीय संत मोरारी बापू
अयोध्या के कारसेवकपुरम में अपनी कथा के दौरान भावपूर्ण मुद्रा में राष्ट्रीय संत मोरारी बापू

मंदिर निर्माण की पूर्णता को देखने को आंखें तरस रही हैं

उन्होंने कहा कि श्रीभरत जी के यात्रा पथ पर कथा कहने का संकल्प बहुत दिनों का था जो अब साकार हो रहा है।श्रीअवध धाम में भव्य मंदिर निर्माण की पूर्णता को देखने को आंखें तरस रही हैं।श्रीरामलला का भव्य मंदिर पूरी दुनिया के लिए आदरणीय है फिर वो चाहे किसी भी धर्म संप्रदाय के हों।अब तो श्रीरामलला के मंदिर में ही कथा कहने का संकल्प है ।विश्व के लिये बहुत बड़ा शगुन है राममंदिरlविश्व मे कोई मंगल होने को है,इसी का श्रीगणेश है श्रीरामलला का मंदिर निर्माण।

राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की रामकथा सुनने में लीन भक्तगण
राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की रामकथा सुनने में लीन भक्तगण

मानस का पूर्व पक्ष सत्य है,प्रेम मध्य पक्ष है और करुणा उत्तर पक्ष है

बापू ने कहा कि श्रीराम की भांति ही श्रीराम मंदिर भी जरूरी है। इस बार की कथा का विषय मानस के उत्तरकांड से कागभुसुंडि रामायण के कागभुसुंडि विनय के सात पंक्तियों पर आधारित है।मानस संवाद का शास्त्र है । यह युग तुलसी का है,मानस का है,साधु का है।हम तुलसी युग मे जी रहे हैं। मानस का पूर्व पक्ष सत्य है , प्रेम मध्य पक्ष है और करुणा उत्तर पक्ष है और यही गोस्वामी जी की मानस प्रस्थान त्रयी है। इससे पहले गुरु वंदना से हनुमान जी की वंदना तक प्रथम दिवस की कथा को विश्राम देते हुए बापू ने श्रीरामजन्मभूमि की,अयोध्या धाम की और संत समाज की जयकार उद्घोष किया।कथा में बापू के साथ कथा यात्रा में चल रहे श्रद्धालुओं सहित बड़ी संख्या में अयोध्या के संत- महंत सहित अवध वासियों की भारी भीड़ रही।

बापू का आगमन और श्रीरामकथा का गायन अयोध्यावासियों के लिये गर्व का विषय

कथा के पूर्व श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बापू को और व्यास पीठ को प्रणाम करते हुए कहा बापू का आगमन और श्रीरामकथा का गायन अयोध्यावासियों के लिये गर्व का विषय है।बापू ने कथा प्रारम्भ के पूर्व बताया कि अयोध्या आकर उन्होंने श्रीहनुमान जी,श्रीरामलला और सरयू दर्शन सहित संत महात्माओं के आश्रम में आशीर्वाद लिया और आज श्रीरामचरितमानस की जन्मस्थली तुलसी चौरा जाकर गोस्वामीजी का आशीर्वाद लेकर आया हूँ ।बापू ने अवध में आगमन और कथा गायन हेतु अवसर प्राप्त होने पर अति प्रसन्नता व्यक्त की ।

रविवार की कथा भी कारसेवकपुरम में ही होगी

अयोध्या के कारसेवकपुरम में देश के राष्ट्रीय संत मोरारी बापू की 9 दिवसीय रामकथा का उद्घाटन शनिवार को शाम हुआ l रविवार की कथा भी कारसेवकपुरम में ही होगीl भगवान राम के वन गमन मार्ग में पढ़ने वाले तीर्थ स्थलों पर बापू की श्रीराम कथा की श्रृंखला के लिए आयोजन स्थल को भव्य रूप से सजाया गया हैl

9 दिवसीय श्रीरामकथा की शुरुआत अयोध्या के कारसेवकपुरम से 27 नवंबर को

भगवान राम के वन गमन मार्ग में पढ़ने वाले तीर्थ स्थलों पर बापू श्रीराम कथा की शुरुआत अयोध्या के कारसेवक पुरम से 27 नवंबर को शाम चार बजे करेंगे। पांच दिसम्बर को नंदीग्राम में उनकी रामकथा का समापन होगा।नौ दिवसीय रामकथा अयोध्या, पिपरी गोरेया,श्रृंगवेरपुर प्रयागराज,संगम तट प्रयागराज, लालापुर चित्रकूट और पुनः अयोध्या, नंदीग्राम में होगी। इस दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग तीर्थ स्थलों पर बापू रामकथा कहेंगे। 27 और 28 नवंबर को अयोध्या के कारसेवक पुरम में उनकी राम कथा होगी।

5 दिसंबर को अयोध्या के नंदीग्राम में आखिरी सत्र की कथा मुरारी बापू कहेंगे

रामकथा शुरु करने से पहले रामलला के शरण में पहुंचे राष्ट्रीय संत मोरारी बापू
रामकथा शुरु करने से पहले रामलला के शरण में पहुंचे राष्ट्रीय संत मोरारी बापू

वे 29 नवंबर को पिपरी गौरैया मैदान में , 30 नवंबर को श्रृंगवेरपुर प्रयागराज ,1 दिसंबर को संगम तट प्रयागराज, 2 दिसंबर को बाल्मीकि आश्रम लालापुर चित्रकूट ,3 दिसंबर को सुरेंद्र पाल स्कूल परिसर चित्रकूट तथा 4 दिसंबर को कारसेवकपुरम में पुनः राम कथा कहेंगे। 5 दिसंबर को अयोध्या के नंदीग्राम में आखिरी सत्र की कथा मुरारी बापू कहेंगेl

मंदिरों में दर्शन कर संतों से की मुलाकात

अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष व हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास से उनके आश्रम में पहुंच हालचाल लेते मोरारी बापू, साथ में संकटमोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास
अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष व हनुमानगढ़ी के महंत ज्ञानदास से उनके आश्रम में पहुंच हालचाल लेते मोरारी बापू, साथ में संकटमोचन सेना के अध्यक्ष महंत संजय दास
श्रीरामवल्लभाकुंज में पहुंचे राष्ट्रीय संत मोरारी बापू से आत्मीय मुलाकात करते पीठ के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास
श्रीरामवल्लभाकुंज में पहुंचे राष्ट्रीय संत मोरारी बापू से आत्मीय मुलाकात करते पीठ के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास

रामकथा की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को मोरारी बापू ने अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञानदास से उनके हनुमानगढ़ी स्थित आश्रम में जाकर आत्मीय मुलाकात की और आश्रम में बने मंदिर का दर्शन कियाl इस अवसर पर संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास व हनुमानगढ़ी के पुजारी हेमंत दास ने बापू का परंपरागत स्वागत कियाl बापू ने रामलला,कनक भवन,रामायणम आश्रम में दर्शन कियाl उन्होंने मणिराम दास जी की छावनी पहुंच श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास से मिलकर उनका भी हालचाल लियाl इस अवसर पर उनके साथ मधुकरी संत एमबी दास मौजूद रहेl बापू ने प्रसिद्ध वैषणवपीठ श्रीरामवल्लभाकुंज मंदिर में दर्शन कियाl यहां मंदिर के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने उनका भव्य स्वागत कियाl यहां बापू ने स्वामी राजकुमार दास ने करीब 30 मिनट तक वार्ता कीl इस अवसर पर शैलेंद्र शास्त्री व राजेंद्र शास्त्री मौजूद रहेl

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