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दो नौकरी कर रहा था शिक्षक:ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक की नौकरी भी करता रहा, शिकायत हुई तो जांच में जुटा विभाग

औरैया2 महीने पहले
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आरोपी ओमप्रकाश- फाइल फोटो। - Money Bhaskar
आरोपी ओमप्रकाश- फाइल फोटो।

परिषदीय स्कूल में शिक्षक दो नौकरी करता रहा। इसकी किसी को जानकारी तक नहीं हुई। वह औरैया में शिक्षक रहा तो जालौन जिले में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत रहा। जब यह मामला खुला तो उसने मई में रोजगार सेवक के पद से इस्तीफा दे दिया और प्रशिक्षु शिक्षक के पद का फर्जी नियुक्ति पत्र लगा दिया। ग्रामीणों ने अब औरैया में डीएम और बीएसए से मिलकर शिकायत की है। विभाग अब जांच कराकर कार्रवाई की बात कह रही है।

जालौन के महेवा ब्लॉक के गांव जखा निवासी रामवीर सिंह पुत्र संतराम ने डीएम औरैया और बीएसए को लिखे पत्र में बताया कि जालौन के जखा गांव निवासी ओमप्रकाश पुत्र रणवीर सिंह 2008-09 में महेवा ब्लॉक में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत है। 2015 में वह औरैया के गांव बरवटपुर के उच्च प्राथमिक स्कूल में विज्ञान शिक्षक के पद पर नियुक्त हो गया। इसके बावजूद भी वह रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत रहा।

शिक्षक ने तत्कालीन बीएसए के नाम से नियुक्त पत्र भी संलग्न किया है।
शिक्षक ने तत्कालीन बीएसए के नाम से नियुक्त पत्र भी संलग्न किया है।

रोजगार सेवक के पद से दे दिया था इस्तीफा
सालों तक वह सरकार को चुना लगाते हुए दो जगह नौकरी करता रहा। जब यह मामला खुला और जालौन में इसकी शिकायत हुई तो ओमप्रकाश ने मई माह में रोजगार सेवक के पद से यह कहकर इस्तीफा दे दिया कि उसकी नियुक्ति प्रशिक्षु शिक्षक के तौर पर औरैया में हुई है। एक तत्कालीन बीएसए चंदना राम इकबाल यादव के नाम से नियुक्त पत्र भी संलग्न किया है।

शिकायत के बाद कार्रवाई का आदेश
शिकायत कर्ता का दावा है कि यह नियुक्ति पत्र फर्जी है। यह सरकारी शिक्षक है, प्रशिक्षु नहीं और मई महीने में कोई नियुक्ति ही नहीं हुई है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि रोजगार सेवक के पद नौकरी करते हुए रेगुलर डिग्री भी इसने कर ली जो कि नियम विरुद्ध है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। डीएम में बीएसए को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए है। बीएसए विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

शिकायती पत्र।
शिकायती पत्र।