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पूर्व विधानसभा स्पीकर की पत्नी से बेटे-बहू ने की धोखाधड़ी:बोले- मां अगर पेंशन नहीं निकालोगी तो सरकार ले लेगी वापस, हड़प लिए 26 लाख

औरैया2 महीने पहले
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पूर्व विधानसभा स्पीकर धनीराम वर्मा की 85 वर्षीय पत्नी रामदेवी वर्मा। - Money Bhaskar
पूर्व विधानसभा स्पीकर धनीराम वर्मा की 85 वर्षीय पत्नी रामदेवी वर्मा।

समाजवादी पार्टी से कई बार विधायक, विधानसभा स्पीकर व नेता प्रतिपक्ष रहे स्व. धनीराम वर्मा की पत्नी से उनके ही सबसे छोटे बेटे व बहू ने पेंशन के 26 लाख रुपये निकालकर हड़प लिए। पीड़िता ने अपने बेटे व बहु के खिलाफ थाना दिबियापुर में तहरीर दी है। पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वर्तमान में पीड़िता की सबसे बड़ी बहू व पूर्व विधायक स्व. महेश वर्मा की पत्नी रेखा वर्मा बिधूना विधानसभा से सपा से विधायक भी हैं।

भतीजे और बेटे ने निकलवाया पैसा

पूर्व विधानसभा स्पीकर धनीराम वर्मा की 85 वर्षीय पत्नी रामदेवी वर्मा निवासी पुर्वा सुजान, थाना बेला ने पुलिस को बताया कि उनका पेंशन खाता एसबीआई बैंक बिधूना में है। इसी साल उनके सबसे छोटे बेटे उमेश वर्मा व उनकी पत्नी स्नेहलता वर्मा जो कि प्राथमिक विद्यालय कोहराई में सहायक अध्यापक हैं और इनके बेटे सुमित वर्मा ने उनसे यह कहा कि अगर मैं अपना पेंशन का पैसा नहीं निकालूंगी तो सरकार ये पैसा वापस ले लेगी और इस पैसे को निकल कर दूसरा नया खता खुलवाकर उसमें डाल देंगे। बताया कि उसके खाते में पेंशन के अलावा भी रकम थी। कुल 26 लाख रुपये खाते में थे। वह अपने बेटे व बहू की बातों में आ गई। उसकी बहु और उसका पौत्र सुमित वर्मा मुझे उसे बिधूना बैंक में ले गए और खाते से पूरा रुपया 26 लाख निकाल लिया।

दूसरे खाते में पैसा डालने की कही बात

नए खाते में डालने के की बात कहकर पैसा निकाल के दिबियापुर ले आये। इन लोगों ने मुझसे झूठ कहा कि मेरा पैसा दिबियापुर स्थित जिला सहकारी बैंक में जमा कर रहे है। कुछ दिनों पहले जब मेरा स्वास्थ्य खराब हुआ तो मैंने इनसे पैसा निकलने के लिए कहा। तब इन्होने पैसा देने से इंकार कर दिया एवं मेरे खाते की जानकारी देने से भी इंकार कर दिया। मैंने लखनऊ जाकर अपनी बेटी के द्वारा अपना इलाज कराया। लौट के आने के बाद जब मैं फफूंद चौराहे दिबियापुर स्थित जिला सहकारी बैंक गई तो मुझे बैंक मैनेजर द्वारा पता चला की इस बैंक में मेरा कोई खाता ही नहीं खुला है।

अब नहीं दे रहे पेंशन का पैसा

पैसा जमा करते समय इन लोगों ने मेरे अंगूठे के निशान भी लगवाए थे। मैनेजर ने मुझे बताया की सारा रुपया स्नेहलता वर्मा ने और सुमित वर्मा ने अपने खाते में जमा करा लिया है। इसके बाद उसने बेटे बहु व पौत्र से कहा कि उसे ऊनके रुपये दे दे लेकिन ये लोग मेरी पेंशन का रुपया नहीं दे रहे हैं। पीड़िता ने इन सबके खातों की जांच कराने की मांग के साथ ही कहा कि पूरे। मामले की जांच कर इन तीनों पर कड़ी कार्रवाई कर उन्हें उनका रुपया दिलाया जाए। थाना प्रभारी शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

धीरे-धीरे बिखरा वर्मा परिवार

धनीराम वर्मा के बड़े बेटे पूर्व विधायक महेश वर्मा के निधन के बाद धनीराम वर्मा का भी निधन हो गया। एक बड़े राजनीतिक घराने का बिखरना यहां से शुरू हो गया। भाइयों में संपति विवाद और राजनीतिक विरासत पाने को जद्दोजहद हई। 2017 में महेश वर्मा की पत्नी का टिकट कटाकर धनीराम वर्मा के बेटे दिनेश वर्मा गुड्डू बिधूना से चुनाव लड़े लेकिन जीत हासिल नहीं हई। इस बार 2022 महेश वर्मा की पत्नी रेखा वर्मा को सपा ने टिकट दिया तो रेखा वर्मा जीतकर विधानसभा पहुंची। जबकि आरोपी बेटा व बहु दिबियापुर में रहता है जिससे परिवार का अब दखल बहुत कम है।

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