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तिलोई में पिता-पुत्र की एक साथ उठी अर्थी:आज पैतृक गांव पहुंचा शव; दो दिन पहले हरियाणा में सड़क दुर्घटना में हुई थी मौत

तिलोई (अमेठी)2 महीने पहले
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आज दोनों पिता-पुत्र का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया।

अमेठी के जायस में शुक्रवार सुबह पिता-पुत्र की एक साथ अर्थी उठी। हरियाणा में रह रहे पिता-पुत्र की सड़क दुर्घटना में 21 सितंबर को मौत हो गई थी। आज सुबह कफन में लिपटा हुआ शव पैतृक गांव पहुंचा। दो शवों के गांव पहुंचने पर गांव में मातम सा छा गया। परिजनों के आंसू रुक नहीं रहे हैं। वहीं, ग्रामीणों की भी आंखें नम हो गईं।

जानकारी के अनुसार, जायस कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला जेरमस्जिद निखई कमरी देहात में आज अनिल कुमार रैदास (30) और उसके बेटे पवन (6) का शव पहुंचा। शव आते ही गांव में कोहराम छा गया। घर पर कई लोग इकट्ठा थे। मृतक के भाई रायबहादुर ने बताया कि भाई अनिल कुमार कुमार अपने परिवार के साथ पिछले 12 वर्षों से हरियाणा के सोनीपत गांव में रहते थे। वह एक दवा फैक्ट्री में काम करते थे।

एक साथ दो अर्थी उठने पर गांव में गमगीन माहौल है।
एक साथ दो अर्थी उठने पर गांव में गमगीन माहौल है।

दो दिन पहले सब्जी लेने गए थे पिता-पुत्र
21 सितंबर की करीब 10 बजे वे अपने बेटे पवन के साथ सब्जी लेने निकले थे। जब काफी देर बाद भी वह नहीं लौटे तो परिजन ढूंढने निकले। साथ ही पुलिस को भी कॉल किया। नतीजे में बाप बेटे का शव बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई। पीएम के बाद दोनों शव को हरियाणा से जायस शव वाहन से लाया गया। दोपहर बाद एक साथ बाप-बेटे की शव यात्रा निकाली गई।

मृतक का भाई रायबहादुर।
मृतक का भाई रायबहादुर।

बीती मई में परिवार के साथ आया था अनिल
भाई ने बताया कि अनिल कुमार के दो बेटे थे। पवन की पिता के साथ सड़क दुघर्टना में मौत हो गई, जबकि छोटा बेटा पंकज अभी दो वर्ष का है। अनिल बीती मई में 15 दिनों के लिए एक विवाह समारोह में शामिल होने परिवार के साथ आया था। तब नहीं पता था कि चार महीने के बाद ही दोनों की मौत हो जाएगी। मृतक के पिता हरिराम, मां रामरती, पत्नी निशा का बुरा हाल है। पत्नी बार बार बेहोश हो जा रही है। फिलहाल लोग सांत्वना दे रहे हैं। दोपहर बाद दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।

अनिल की मौत हो जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
अनिल की मौत हो जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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