पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

बुजुर्ग ने हाईवे पर लगाया तकिया-बिस्तर:तिलोई को रायबरेली में जोड़ने की मांग पर अड़ा; कहा- मुख्यालय की दूरी ज्यादा होने के चलते परेशानी बढ़ी

तिलोई (अमेठी)2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

अमेठी जनपद के तिलाई तहसील को रायबरेली जिले से जोड़ने की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को एक बुजुर्ग एनएच-128 पर तकिया बिस्तर लगाकर धरने पर बैठ गया। 74 वर्षीय लाल प्रताप सिंह के साथ अन्य ग्रामीण भी थे। जो कि सड़क किनारे बैठे थे। वे सभी तिलोई तहसील रायबरेली जिले से जोड़ने की मांग कर रहे थे।

हालांकि सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। चार घंटे तक यह धरना जारी रहा। जब एसडीएम हाईवे पर पहुंची। प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया, जब जाकर इन लोगों ने धरना समाप्त किया।

दस सालों से ग्रामीण लगातार इसकी मांग कर रहे
दरअसल पिछले करीब 10 सालों से यही मांग हो रही है। भवानी नगर निवासी लाल प्रताप सिंह तिलोई तहसील को रायबरेली से जोड़ने की मांग पर अड़े हैं। मंगलवार को वह ब्लॉक बहादुरपुर के ओदरी चौराहे से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ दो दर्जन से ज्यादा महिला व पुरुष भी पहुंचे।

सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। बुजुर्ग को समझाने का प्रयास किया गया।
सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची थी। बुजुर्ग को समझाने का प्रयास किया गया।

कई ग्रामीण महिला व पुरुष धरना प्रदर्शन में शामिल थे
महिलाएं सड़क के किनारे कुर्सी लगाकर बैठ गईं। सभी लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। साथ ही अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। इस बीच सूचना पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने लाल प्रताप को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं मान रहे थे। प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।

लाल प्रताप सिंह के साथ गांव के अन्य लोग भी धरना में शामिल थे।
लाल प्रताप सिंह के साथ गांव के अन्य लोग भी धरना में शामिल थे।

एसडीएम के आश्वासन के बाद हाईवे से हटे
सुबह 10 बजे फिर से वह धरने पर बैठे। CO तिलोई राकेश सिंह अपने टीम के साथ मौके पर पहुंचे। समझाने के बाद भी नहीं मान रहे थे। फिर एसडीएम फाल्गुनी सिंह मौके पर पहुंची। उन्होंने लाल प्रताप को समझाया। करीब चार घंटे तक लाल प्रताप धरने पर बैठे थे। काफी समझाने बुझाने के बाद बुजुर्ग को हाईवे से हटाया गया। धरना देने वालों में मोहम्मद राइस, राजू गुर्जर, पूर्व प्रधान मोहम्मद यूसुफ, मोहम्मद यूनुस रामनरेश मौर्य सहित आदि महिला पुरुष थे।

कड़ी धूप में अर्धनग्न अवस्था में बुजुर्ग हाईवे पर बैठकर धरना दे रहे थे।
कड़ी धूप में अर्धनग्न अवस्था में बुजुर्ग हाईवे पर बैठकर धरना दे रहे थे।

जिला मुख्यालय की ज्यादा दूरी से होती है परेशानी
बता दें कि तिलोई तहसील से अमेठी मुख्यालय की दूरी 45 KM है। जबकि रायबरेली जिला मुख्यालय की दूरी महज 15 KM है। इससे पहले लाल प्रताप 8 दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे। लेकिन प्रशासन में सुनवाई नहीं हुई। साथ ही उन्हें डॉक्टर तक की व्यवस्था नहीं दी गई थी।

दस सालों से लाल प्रताप कर रहे हैं संघर्ष
लाल प्रताप सिंह ने बताया कि पिछले 8 दिनों से धरना दे रहा हूं। दस साल से तिलोई को रायबरेली से जोड़ने का प्रयास चल रहा है। आज भी कोई सुनने नहीं आया। मुख्यालय पर जाने के लिए बहुत ज्यादा समय लगता है। तीन घंटे की दूरी क्यों तय की जाए, जब आधा घंटे में काम हो जाता है। पुलिस द्वारा ये कहा जाता है कि कुछ सुनवाई नहीं होगी।

एसडीएम ने बुजुर्ग से बातचीत की। तब जाकर उन्होंने धरना समाप्त किया।
एसडीएम ने बुजुर्ग से बातचीत की। तब जाकर उन्होंने धरना समाप्त किया।

एसडीएम बोलीं- उच्चाधिकारियों से की जाएगी बात
एसडीएम फाल्गुनी सिंह ने बताया कि बुजुर्ग को समझाकर आश्वासन दिया गया है। ये शासन की नीति के अंडर आता है। हमारी ओर से जो कुछ हो सकेगा, किया जाएगा। उच्चाधिकारियों तक बात पहुंचाई जाएगी। फिलहाल लाल प्रताप ने धरना समाप्त कर दिया है। उन्हें शांत करा दिया गया है।

खबरें और भी हैं...