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अमेठी में गंदगी और जलभराव के बीच पढ़ रहे बच्चे:शिकायत के बावजूद हो रही अनदेखी, भवनों के गिरने का है खतरा

अमेठी तहसील2 महीने पहले
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अमेठी बारिश के चलते क्षेत्र के कई विद्यालय जलमग्न स्थिति में हैं। ऐसे में बच्चे कीचड़ और पानी से होकर कक्षा तक जाने को विवश हैं। साथ ही साफ सफाई के अभाव में कुछ विद्यालयों के परिसर में गंदगी फैली हुई है। एक तरफ सरकार परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की तर्ज पर विकसित करने के लिए अभियान चला रही है वहीं दूसरी ओर जिले के विद्यालयों की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है।

विद्यालयों में जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण जलभराव की स्थिति बन जाती है। कुछ एक विद्यालय की चारदीवारी गिरने की कगार पर है। शासन की मंशा पर विकासखंड स्तर पर ग्राम पंचायतों द्वारा विद्यालयों का सुंदरीकरण किया गया। जिसमें शौचालय, जल निकासी टायलीकरण आदि व्यवस्थाएं शामिल हैं।

स्कूल के बाहर पड़ा कीचड़ दुर्दशा बयां कर रहा है।
स्कूल के बाहर पड़ा कीचड़ दुर्दशा बयां कर रहा है।

अमेठी के आधा दर्जन विद्यालय कीचड़ युक्त

इसके लिए कागजों पर शासन द्वारा काफी धन व्यय किया गया है। मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। विकासखंड अमेठी के आधा दर्जन विद्यालय कीचड़ युक्त हैं। बच्चे विद्यालयों में कीचड़ में बैठकर खाना खाने को मजबूर हैं। प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ की प्रधानाध्यापिका ने बताया बारिश के बाद विद्यालय परिसर में जलभराव हो जाता है। नन्हे-मुन्ने नौनिहाल आए दिन कीचड़ में फिसल कर गिर जा रहे हैं। कई बार समस्या के निदान हेतु विभाग को लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है। मगर मामला जस का तस है।

प्रधानाध्यापिका बोलीं- बच्चों को होती है समस्या

वहीं प्राथमिक विद्यालय बरई का टोला के प्रधानाध्यापक शुभम तिवारी ने बताया विद्यालय की नींव तक में पानी भरा हुआ है। जिससे विद्यालय की दीवार खतरे में है। शौचालय की फर्श टूट जाने से शौचालय का उपयोग नहीं हो रहा है। वहीं संग्रामपुर विकासखंड क्षेत्र के कनू स्थिति विद्यालय में जलभराव से बच्चों को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानाचार्य ने बताया सम्बंधितों को कई बार मामले से लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है मगर कोई कार्यवाही नहीं हुई।

विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप

लेकिन, एक बात सबसे बड़ी ही क्षेत्र के दो विद्यालय ऐसे हैं जो एक शिक्षक की जिम्मेदारी पर चल रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय मोचवा में मात्र एक सहायक अध्यापक की तैनाती है यहां ना तो कोई प्रधानाध्यापक है और ना ही शिक्षामित्र। इसी प्रकार सुंदरपुर प्राथमिक विद्यालय में एक ही अध्यापिका की तैनाती है यहां 38 बच्चे पंजीकृत हैं। इतनी अव्यवस्थाओं के बावजूद विभाग के आला अधिकारी समस्याओं से अनजान बने हुए हैं। कोई बेसिक शिक्षा अधिकारी से बात की गई तो उन्होंने बताया की मामला संज्ञान में आया है इसकी जांच करा कर जो भी कम की व्यवस्था हो कराई जाएगी।

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