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अंबेडकरनगर में मनरेगा का 37 करोड़ बकाया:902 ग्राम पंचायतों में किए गए पक्का काम के बकाए से ग्रामसभा में काम पड़ा ठप

अंबेडकरनगर3 महीने पहले
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मनरेगा मजदूर - Money Bhaskar
मनरेगा मजदूर

अंबेडकरनगर में ग्राम पंचायतों में हुए पक्के कार्य में सामग्री की राशि 37 करोड़ 19 लाख 28 हजार न मिलने से जिले की करीब सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना के तहत होने वाला काम लगभग पूरी तरह से ठप है। काम न होने के कारण जंहा गांव का विकास नही हो पा रहा है। वहीं मनरेगा मजदूर काम न पाने के कारण आर्थिक तंगी झेल रहे है। इसके चलते मजबूर होकर मनरेगा मजदूर को दूसरा अन्य काम करना पड़ रहा है।कसेरुआ निवासी राम निहाल और कलावती देवी ने बताया कि काम के पैसे नहीं मिले, जिससे उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो रहा है।

सामग्री का नहीं हुआ भुगतान

जिले के 902 ग्राम पंचायतों में वर्ष 2020-21 से अब तक जो पक्का काम कराया गया, उसमें 37 करोड़ 19 लाख 28 हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन इस राशि का भुगतान नहीं हो सका है। पक्के काम के अंतर्गत जैसे नाली, खड़ंजा, पुलिया सीसी रोड आदि आते हैं। बकाया होने से पिछले आठ माह से ग्राम पंचायतों में पक्का काम नहीं हो रहा है।

इन विकास खंडों में इतना है बकाया

मनरेगा उपायुक्त कार्यालय के अनुसार अकबरपुर विकास खंड में 498.13 लाख, बसखारी में 105.36 लाख, भीटी 433.64 लाख, बसखारी में 684.84 लाख, जहांगीरगंज में 386.71 लाख, जलालपुर में 234.14 लाख, कटेहरी में 380.50 लाख, रामनगर में 466.6 लाख रुपये और टांडा विकास खंड में 529.35 लाख रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में बकाया भुगतान न होने से पक्का काम नहीं हो रहा है। इसके स्थान पर कच्चा काम ही किया जा रहा है।

जिले में दो लाख 15 हजार हैं मनरेगा मजदूर

ग्राम पंचायतो में हुए पक्का काम में लगे सामग्री का भुगतान न होने से जिले की 902 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से जुड़े करीब दो लाख 15 हजार मजदूर मौजूदा समय में आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। भुगतान न होने से पिछले आठ माह से मनरेगा योजना के तहत ग्राम पंचायतों में पक्का कार्य लगभग पूरी तरह से ठप है। दरअसल योजना के तहत सामग्रियों के लिए राशि शासन से जिले को नहीं उपलब्ध हो सकी है। वही उपयुक्त मनरेगा राजेन्द्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि मनरेगा के तहत कराये गए काम का जो भी बकाया है उसके लिए शासन को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि जल्द भुगतान होगा।

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