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अलीगढ़ ...बाबा दादी! मेरा क्या कसूर ?:बेटे के दुश्मन को फंसाने के लिए दादा-दादी ने की मासूम हत्या,आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

अलीगढ़9 महीने पहले
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पुलिस की हिरासत में आरोपी दादा दादी - Money Bhaskar
पुलिस की हिरासत में आरोपी दादा दादी

बाबा दादी! मेरा क्या कसूर, आप मुझे क्यों मार रहे हैं? यह सवाल उस आठ साल की बच्ची रूबी ने अपने दादा दादी से किया होगा, जब वह उसकी हत्या कर रहे थे। अपने रक्षकों को भक्षक बनता देख शायद वह मासूम चिल्ला भी नहीं पाई होगी। लेकिन इस निर्दयी दंपत्ति को जरा भी दया नहीं आई और उन्होंने मासूम का गला घोंट दिया। ऐसा उन्होंने इसलिए किया जिससे वह अपने बेटे के विरोधी को हत्या के मामले में फंसा सकें और उनके बेटे के खिलाफ चल रहे मुकदमें में समझौता करा सकें। यह खुलासा अलीगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को किया, जिसमें एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि टप्पल के गांव किशनपुर में बच्ची की हत्या करने वाले उसके अपने ही दादा दादी हैं।

20 सितंबर को खेतों में मिला था शव

अलीगढ़ के टप्पल थाना क्षेत्र के गांव किशनपुर में 20 सितंबर को 8 वर्षीय रूबी का शव खेतों में मिला था। वह सुबह 9 बजे अपने स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी। दोपहर में उसकी दादी ने उसका शव खेत में पड़ा होने की बात सभी को बताई थी, जिसके बाद बच्ची के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया था। मौके पर एसएसपी समेत पुलिस के आलाधिकारी पहुंचे थे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था और मामले की जांच कराई जा रही थी।

बेटे के विपक्षी को फंसाने के लिए पोती को मारा

अपना जुर्म कबूल करने के बाद आरोपी दादा लेखराज पुत्र पदम सिंह ने बताया कि उनके बेटे का गांव के ही रामकिशन से पुराना मामला चल रहा है। रामकिशन ने उसके बेटे व रूबी के पिता ओमप्रकाश के ऊपर दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज करा रखा है। इस मामले में लेखराज लगातार विपक्षियों पर समझौते के लिए दबाव बना रहा था, लेकिन विपक्षी मान नहीं रहे थे। ऐसे में उसने अपनी पोती की हत्या करके विपक्षियों को हत्या के आरोप में फंसाने की साजिश रची। आरोपी लेखराज ने बताया कि उसके बेटे के तीन बच्चे हैं, ऐसे में उसने एक की हत्या करने की योजना बना ली थी। जब बच्ची स्कूल जाने के लिए निकली तो वह और उसकी पत्नी संपत देवी ने बच्ची की हत्या करके शव पास के ही खेत में फेंक दिया।

पुलिस की पांच टीमों ने गांव में की पड़ताल

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि हत्या के खुलासे के लिए पुलिस की पांच अलग अलग टीमों का गठन किया गया था। जिसमें गांव के 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। इसमें ग्रामीणों के साथ स्कूल के शिक्षक, बच्ची के साथ पढ़ने वाले उसके सहपाठियों से जानकारी जुटाई। जिसमें पता चला कि उसके दादा दादी हत्या वाली जगह के आसपास नजर आए थे। जिसके बाद पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जिसके बाद दोनों के खिलाफ हत्या की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और पूछताछ की जा रही है।

सदमें में हैं बच्ची के माता पिता और ग्रामीण

हत्या का खुलासा होने के बाद बच्ची के माता पिता के साथ गांव के सारे लोग सदमें में हैं। किसी को भी यह विश्वास नहीं था कि दो बुजुर्ग दंपत्ति अपनी की पोती की निर्मम तरीके से हत्या कर देंगे। सारे गांव में शुक्रवार को यह चर्चा का विषय रहा और लोग हत्यारे दादा दादी को कोसते रहे। वहीं बच्ची के माता पिता का रो-रो कर बुरा हाल था।

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