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ऑटो-ड्राइवर के हुए चार बच्चे, खुशी मिली, लेकिन मुसीबत भी:आगरा में मदद का भरोसा देने वाले डॉक्टर मुकरे; कर्ज लेकर करा रहा इलाज

आगरा5 महीने पहले
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आगरा में एक महिला ने चार स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। उनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। सफल ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टरों ने चारों को निगरानी में रखा है। बच्चों का पिता मनोज ऑटो ड्राइवर है। उसके पहले से तीन बेटियां थीं और अब परिवार में 7 बच्चे हो गए हैं। इसके साथ ही उसके सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है।

जिस प्राइवेट अस्पताल में बच्चों को निगरानी के लिए रखा गया है, वहां के डॉक्टर ने बच्चों की देखभाल और पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। लेकिन अब डॉक्टर मुकर गए हैं। मनोज ने बताया कि डॉक्टर ने मदद का जो भरोसा दिया था वह पूरा नहीं किया है। जिससे वह काफी परेशान है।

यह फोटो आगरा के प्राइवेट अस्पताल की है। यहां बच्चे 24 घंटों के लिए निगरानी में रखे गए हैं।
यह फोटो आगरा के प्राइवेट अस्पताल की है। यहां बच्चे 24 घंटों के लिए निगरानी में रखे गए हैं।

हॉस्पिटल प्रबंधन ने बनाया 30 हजार का बिल
बच्चों को जिस पालना हॉस्पिटल में रखा गया है, वहां उससे प्रति बच्चा 24 घंटे के लिए 6 हजार रुपए के हिसाब से कुल 24 हजार रुपए देने हैं। इसके अलावा 6 हजार रुपए की दवाएं मंगवाई गई है। बच्चों को अभी तीन दिन और रखा जाना है। विजय ने बताया कि वह ब्याज पर एक लाख रुपए लिया था।

35 हजार रुपए अम्बे हॉस्पिटल को देने हैं
थाना एत्माउद्दौला के प्रकाश नगर के रहने वाले मनोज ने बताया कि डिलीवरी के लिए SN मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए गया, तो लेडी लॉयल भेजा गया। जब लेडी लॉयल गए, तो फिर से SN भेज दिया गया। दोनों ही जगह इलाज नहीं हुआ। पत्नी को दर्द बढ़ने पर अम्बे हॉस्पिटल ले गया। यहां ऑपरेशन का 60 हजार का बिल बना। 25 हजार रुपए दे दिए हैं और 35 हजार अभी देने हैं। मनोज ने कहा, "समझ में नहीं आ रहा है क्या करें। सरकार और डॉक्टरों से अपील करता हूं कि वे कुछ मदद करें।"

मनोज परिवार चलाने के लिए ऑटो चलाते हैंं। डॉक्टर के वादे से मुकर जाने के बाद सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
मनोज परिवार चलाने के लिए ऑटो चलाते हैंं। डॉक्टर के वादे से मुकर जाने के बाद सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

डॉक्टर ने परवरिश की जिम्मेदारी लेने की कही थी बात
पालना अस्पताल के डॉ. मुकेश चौधरी ने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए चारों बच्चों की देखभाल करने की जिम्मेदारी लेने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने परिवार से बच्चों के मुफ्त इलाज और शिक्षा का वादा किया था। मनोज ने बताया कि कुछ ही घंटों बाद डॉक्टर अपनी बात से मुकर गए। वह इलाज के पूरे पैसे मांग रहे हैं।

गर्भ में जुड़वा बच्चों के होने का पता चला था
मनोज ने बताया कि पत्नी खुशबू को डॉ. महेश चौधरी के पास ले गए। वहां अल्ट्रासाउंड से पता चला कि गर्भ में जुड़वां बच्चे हैं। सोमवार को डिलीवरी के लिए उसे ट्रांस यमुना स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया।

तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों का पैनल बनाया गया। इसमें डॉ. प्रियंका सिंह, डॉ. नीलम, डॉ. सूर्य देव शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान चार बच्चे दिखे तो डॉक्टरों को भी हैरानी हुई, क्योंकि अल्ट्रासाउंड में जुड़वां बच्चों का ही पता चला था। सफल ऑपरेशन के बाद चारों बच्चों का सुरक्षित प्रसव कराया गया। डॉक्टरों ने चारों बच्चों को एहतियात के तौर पर पालना नर्सिंग होम में रखा है।