पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

संस्कृति व शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29 से 30):9 साल से प्रतिभा खोज परीक्षा व नेशनल मीन्स कम मेरिट की निशुल्क तैयारी करवा रहे, 100+ स्टूडेंट्स का करवा चुके सिलेक्शन, अभी 25 अध्ययनरत

श्रीगंगानगर4 महीने पहलेलेखक: मयूर पारीक
  • कॉपी लिंक
  • शिक्षक महेंद्र सिंह मंडा जरूरतमंद बच्चों को तैयारी करवाकर स्कॉलरशिप दिलवाने में कर रहे मदद

राष्ट्रीय व राज्य प्रतिभा खोज परीक्षा व नेशनल मीन्स कम मेरिट परीक्षा की तैयारी कर रहे जरूरतमंद स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। गांव बींझबायला के रहने वाले महेंद्र सिंह मंडा के प्रयासाें से स्टूडेंट्स काे इन प्रतियाेगी परीक्षा की निशुल्क काेचिंग करवाई जा रही है।

अभी महेंद्र सिंह रंगलमहल स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बताैर फर्स्ट ग्रेड शिक्षक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। महेंद्र सिंह की मंशा ऑफलाइन काेचिंग क्लास की रहती है लेकिन काेविड के चलते उन्हाेंने ऑनलाइन माध्यम से भी स्टूडेंट्स काे पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई। संक्रमण कम हुआ ताे दाेबारा से ऑफलाइन स्टडी शुरू कर दी थी।

वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्राें के स्कूल खुले हाेने के चलते वे अभी स्टूडेंट्स काे ऑफलाइन प्रतियाेगी परीक्षा की तैयारी करवा रहे हैं। वे बताते हैं कि 9 साल में नेशनल मीन्स कम कम मेरिट में अब तक 100 से ज्यादा स्टूडेंट्स का सिलेक्शन करवा चुके है। अब इन स्टूडेंट्स काे हर माह 1 हजार रुपए मिल रहे हैं। यह रुपए इन स्टूडेंट्स काे लगातार 4 साल तक मिलेंगे। अभी यहां करीब 25 स्टूडेंट्स अध्ययनरत हैं। इस काम में कुछ अन्य शिक्षक भी इनकी मदद कर रहे हैं।

स्टूडेंट्स काे निशुल्क पढ़ाने के लिए रात 12 बजे तक चलती हैं कक्षाएं

महेंद्र सिंह बताते हैं कि ऑफलाइन क्लासेज के माध्यम से अभी स्टूडेंट्स काे पढ़ाया जा रहा है। स्कूल लगने से पहले सुबह 8:30 से 10:30 बजे तब बच्चाें की क्लास लगती है। जबकि परीक्षा के दिनाें में स्कूल खत्म हाेने के तुरंत बाद क्लास शुरू कर दी जाती है। इसके बाद क्लास देर रात बजे तक 12 बजे जारी रहती है। इस कड़ी में सुबह 5 बजे से स्कूल लगने तक क्लास लगाई जाती है। स्टूडेंट्स काे पढ़ाने में गांव के बीएड धारी बादल प्रकाश व शिक्षक हरेंद्र सिंह मदद कर रहे हैं।

यूं हुई थी निशुल्क पढ़ाने की शुरुआत: महेंद्र सिंह बताते हैं कि उन्हाेंने भी अपनी प्रतियाेगी परीक्षा की तैयारी भाटिया आश्रम के संस्थापक प्रवीण भाटिया के मार्गदर्शन में निशुल्क की थी। यहीं से मुझे बच्चाें काे निशुल्क शिक्षा देने का ख्याल अाया। इसके बाद मुझे वर्तमान हनुमानगढ़ में बताैर डीईओ माध्यमिक कार्यरत रामेश्वर लाल गाेदारा ने स्काॅलरशिप के लिए बच्चाें काे पढ़ाने हेतु गाइड किया।

उन्हाेंने बताया कि बच्चाें काे निशुल्क पढ़ाने का काम ताे बहुत शिक्षक कर रहे हैं। लेकिन स्काॅलरशिप की तैयारी के लिए काेई भी शिक्षक समय नहीं देते हैं। इसलिए मैंने 2013 में निर्णय लिया कि बच्चाें काे स्काॅलरशिप की तैयारी करवानी है। इसके बाद से ये कारवां बढ़ते लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस संबंध में गाइडेंस के लिए स्टूडेंट्स या अभिभावक 9460431038 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

खबरें और भी हैं...