पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

वारदात का मामला:टांटिया अस्पताल पर फायरिंग लाॅरेंस के चचेरे भाई ने करवाई थी, एक गिरफ्तार, दो राउंडअप

श्रीगंगानगर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विशाल। - Money Bhaskar
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी विशाल।
  • फायरिंग करने वाले युवकाें की पुलिस ने पहचान कर ली है लेकिन गिरफ्तार करने तक पहचान उजागर नहीं कर रही

टांटिया अस्पताल के बाहर फायरिंग की वारदात लाॅरेंस बिश्नाेई के चचेरे भाई सचिन थापन ने करवाई थी। इस मामले में पुलिस ने एक युवक काे गिरफ्तार कर लिया है जबकि दाे काे राउंडअप किया गया है। इस संबंध में एसपी आनंद शर्मा ने मंगलवार शाम काे पुलिस लाइन में पत्रकार वार्ता के दाैरान खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाना के बाेलांवाली गांव निवासी 21 वर्षीय विशाल पचार उर्फ बबलू जाट पुत्र इंद्राज जाट हाल पुरानी आबादी में शनि मंदिर के निकट किराए पर रह रहे काे गिरफ्तार कर लिया है।

वारदात में उसके मददगार पंजाब के फाजिल्का जिले के अबाेहर तहसील के बहाववाला थाना क्षेत्र के गांव भागू निवासी 20 वर्षीय दीपक जाखड़ पुत्र सज्जनकुमार जाट व घमूड़वाली थाना क्षेत्र के गांव जोड़किया (83 एलएनपी) निवासी 21 वर्षीय मंगेश बिश्नोई पुत्र सुरेंद्रकुमार बिश्नोई को दस्तेयाब किया गया है।

हालांकि जिन युवकाें ने फायरिंग की थी, उनकी पहचान कर ली गई है लेकिन उनकाे गिरफ्तार करने तक पहचान उजागर नहीं की जा रही। वे दाेनाें युवक जिले से बाहर के निवासी हैं। उनकाे गिरफ्तार करने काे पुलिस टीमें रवाना की जा रही हैं। गिरफ्तार किए गए विशाल पचार उर्फ बबलू जाट काे बुधवार काे अदालत में पेशकर रिमांड पर लिया जाएगा। राउंडअप दाेनाें युवकाें काे भी पूछताछ के बाद मंगलवार देर रात या बुधवार काे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। घटना 20 जनवरी की अल सुबह करीब पांच बजे हुई थी।

20 तारीख की शाम काे चार बजे टांटिया जनरल अस्पताल के प्रबंधक सुरेंद्र नाथ की रिपाेर्ट पर अज्ञात लाेगाें पर जानलेवा हमला कर फायरिंग करने के आराेप में परिवाद दिया गया था। उक्त सनसनीखेज फायरिंग की वारदात के खुलासे में डीएसटी के कांस्टेबल अश्वनी कुमार की विशेष भूमिका रही है। पत्रकार वार्ता के दाैरान एएसपी सहीराम बिश्नाेई, महिला अपराध अनुसंधान सेल के प्रभारी एएसपी जयसिंह तंवर, सीओ सिटी अरविंद बैरड़ भी माैजूद थे।

पड़ताल, आरोपी का कबूलनामा- दुतारांवाली के सचिन ने दिया था फायरिंग का ठेका, बोला-अच्छा इनाम मिलेगा

पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए विशाल पचार उर्फ बबलू जाट ने पुलिस काे बताया है कि उसने यह फायरिंग अबाेहर तहसील के गांव दुतारांवाली निवासी सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नाेई के कहने पर करवाई थी। सचिन थापन लाॅरेंस बिश्नाेई का चचेरा भाई है। सचिन करीब डेढ़ माह पहले ही जाेधपुर जेल से जमानत पर छूटकर बाहर आया है। वह जेल में जानलेवा हमले के मामले में बंद था।

उसने बाहर आकर विशाल पचार से संपर्क साधा। टांटिया अस्पताल पर फायरिंग का राेडमैप तैयार करवाया। इसके लिए विशाल पचार उर्फ बबलू ने पुरानी आबादी में अपने कमरे के पास पीजी में रह रहे दीपक जाखड़ और मंगेश बिश्नाेई काे इस काम में मदद पर लगाया। मंगेश बिश्नाेई का गांव भागू है और यह दुतारांवाली से करीब 7-8 किलाेमीटर की ही दूरी पर है। दाेनाें गांव अबाेहर तहसील में ही पड़ते हैं। अभी यह स्पष्ट नहीं हाे पाया है कि मंगेश के सीधे ताैर पर सचिन थापन के संपर्क में था अथवा नहीं। विशाल पचार शराब ठेके पर सेल्समैन की नाैकरी करता है और करीब तीन चार साल से गंगानगर ही रह रहा है।

जाॅर्डन मर्डर में विशाल पचार संदेह पर था, उसकी भी रंजिश थी, पुलिस पूछताछ से सुर्खियाें में आया, चढ़ा लाॅरेंस गैंग की नजर में: 2019 की 21 मई काे पुरानी आबादी निवासी विनाेद श्याेराण उर्फ जाॅर्डन चाैधरी की हत्या लाॅरेंस गैंग द्वारा की गई थी। इस दाैरान पुलिस ने संदिग्धाें में विशाल पचार काे भी उठाकर पूछताछ की थी। क्याेंकि जाॅर्डन से विशाल की भी कहासुनी हाेने के बाद रिश्ताें में खटास थी।

हालांकि इस मर्डर में विशाल की काेई भूमिका सामने नहीं आई थी। पुलिस ने ताे उसे क्लीन चिट दे दी लेकिन पुलिस पूछताछ के बाद वह लाॅरेंस गैंग की नजर में चढ़ गया। इसलिए अब जाकर उसकाे गैंग ने काम पर लगाया और टांटिया ग्रुप पर फायरिंग में उसका इस्तेमाल किया गया।

फिराैती के लिए ही की गई थी फायरिंग, भास्कर ने पहले ही बता दी थी वजह: टांटिया ग्रुप पर फायरिंग फिराैती के लिए ही की गई थी। हालांकि पुलिस अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। लेकिन विशाल पचार ने बताया है कि उसे सचिन थापन ने कहा था कि फायरिंग कराे। रुपए आने के बाद उनकाे अच्छा इनाम दिया जाएगा। यह रकम कितनी मांगी गई थी अथवा मांगी जाने वाली थी, इस बारे में अभी तस्वीर साफ नहीं हुई है। क्याेंकि टांटिया ग्रुप ने पुलिस काे फिराैती के काॅल के बारे में स्पष्ट ताैर पर कुछ भी नहीं बताया है। पुलिस काे इस फायरिंग के पीछे दूसरी काेई वजह नजर नहीं अा रही। दैनिक भास्कर ने फिराैती के मामले का पहले ही बता दिया था।

पुलिस की 4 टीमें बनीं, तब आरोपी आए पकड़ में

पहली टीम: जवाहरनगर एसएचओ नरेश निर्वाण, महिला अपराध अनुसंधान सेल से सीआई रणजीत सेवदा, काेतवाल विश्वजीतसिंह, यातायात शाखा से हैड कांस्टेबल अब्दुल जब्बार व जवाहरनगर थाना से कांस्टेबल अबीबखान काे शामिल किया गया। इस टीम ने हाॅस्टल/पीजी और फ्लैट खंगाले और रिकाॅर्ड जुटाया।

दूसरी टीम: डीएसटी प्रभारी सीआई कुलदीप चारण, एएसआई पवन सहारण, दारा सिंह, हैड कांस्टेबल सुनील कुमार, कृष्ण कुमार, कांस्टेबल राजकुमार बेनीवाल, अश्वनी कुमार, दयाराम, संदीप कुमार, पवन लिंबा, अजयप्रतापसिंह राठाैड़ व चालक दिनेश कुमार। इस टीम ने शहर भर के सीसीटीवी फुटेज जुटाए और देखे।

तीसरी टीम: मीरा चाैक चाैकी प्रभारी रामविलास बिश्नोई, एएसआई सुरेंद्र ज्याणी, कांस्टेबल कृष्ण साहू, विकास गोदारा, नरपतसिंह ने फुटेज जुटाए और विश्लेषण किया।

चौथी टीम: पुरानी आबादी एसएचओ कश्यपसिंह, हैड कांस्टेबल दयाराम व साइबर सेल के हैड कांस्टेबल योगेश कुमार ने जेल और थानाें से पूर्व के अपराधियाें का रिकाॅर्ड जुटाया। मुखबिराें काे मदद के लिए सूचना जुटाने काे लगाया। सीसीटीवी फुटेज विश्लेषण व संदिग्धाें का रूट चार्ट तैयार करवाने में महत्वपूर्ण मदद की।

खबरें और भी हैं...