पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कार-बाइक में टक्कर, मां-बेटे की मौत:सत्संग सुनने जा रहे थे दोनों, बेटे ने मौके पर ही दम तोड़ा, ड्राइवर फरार

श्रीगंगानगर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
हादसे में मां को अस्पताल मेंं भर्ती कराया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया। - Money Bhaskar
हादसे में मां को अस्पताल मेंं भर्ती कराया गया। जहां उसने दम तोड़ दिया।

जिले के जैतसर इलाके में गांव नौ जीबी के पास बुधवार को कार और बाइक की टक्कर में मां और बेटे की मौत हो गई। वे गांव 11 जीबी के रहने वाले हैं और बाइक पर सवार होकर गांव नौ जीबी में सत्संग सुनने जा रहे थे। सत्संग स्थल के गेट पर ही बाइक की सामने से आ रही कार से टक्कर हो गई। हादसे में बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। महिला को सूरतगढ़ के एपेक्स अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने भी दम तोड़ दिया है। इस संबंध में मृतक के भाई ने बुधवार शाम पुलिस को रिपोर्ट दी।

गांव नौ जीबी के पास बाइक से टकराई कार।
गांव नौ जीबी के पास बाइक से टकराई कार।

सत्संग सुनने जा रहे थे दोनों
मृतक के भाई गांव 11 जीबी निवासी मलकीत सिंह पुत्र दीदार सिंह ने बताया कि भाई हरमीत सिंह और मां जोगेंद्र कौर बुधवार को सत्संग सुनने के लिए बाइक पर निकले थे। नौ जीबी डेरे के गेट पर पहुंचने के दौरान सामने से आ रही कार की बाइक से टक्कर हो गई। हादसा होने साथ ही आसपास के लोगों ने उन्हें संभाला। बाइक हरमीत सिंह चला रहा था। हादसा होने के साथ ही वह सड़क पर गिरा और उसकी मौत हो गई। वहीं, उसकी मां जोगेंद्र कौर को भी गंभीर चोट आईं। आसपास के लोगों ने किसी तरह से उनके बारे में जानकारी जुटाई और मलकीत सिंह को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंचे मलकीत ने पुलिस को सूचना दी।

पुलिस ने हरमीत का शव सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया वहीं मलकीत सिंह अपनी घायल मां को लेकर सूरतगढ़ के एपेक्स हॉस्पिटल पहुंचा। जहां इलाज के दौरान उसकी मां ने भी दम तोड़ दिया। हादसे के ठीक बाद कार सवार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आसपास के लोगों और मृतक के भाई से जानकारी जुटाकर कार चालक की तलाश शुरू कर दी है।

किसान आंदोलन में सक्रिय था मृतक हरमीत सिंह
मृतक हरमीत सिंह किसान है और 11जीबी में रहता है। ग्रामीणाों ने बताया कि सामाजिक संगठनों व कार्यक्रमों में सक्रिय था। मृतक का किसान आंदोलन में भी अच्छा योगदान रहा है। किसान आंदोलन के दौरान हरमीत और भाई जगमीत दोनों ही सक्रिय रहे थे। उसकी मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

खबरें और भी हैं...