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न्याय:छात्रसंघ अध्यक्ष हत्याकांड: साढ़े 6 साल चली सुनवाई, अब 8 दाेषियाें को आजीवन कारावास

भादरा2 महीने पहले
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  • पेपर देने जाते समय 28 अप्रैल 2015 काे पीटकर मार डाला, गांव में अवैध शराब बिक्री से राेकने की थी रंजिश, भादरा पुलिस ने 7 के खिलाफ किया था चालान

महाराजा अग्रसेन काॅलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष व एसएफआई नेता अजीत बेनीवाल की पीट-पीटकर हत्या के मामले में 8 आराेपिताें काे दाेषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। हत्या के कुल 6 साल 7 माह बाद यह फैसला आया है। स्थानीय अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश कमल लोहिया ने सभी दाेषियाें काे कारावास के साथ ही अर्थदंड भी दिया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा उन्हें भुगतनी हाेगी।

प्रकरण के अनुसार, 28 अप्रेल 2015 को जिलेसिंह जाट निवासी खचवाना पुलिस थाना गोगामेड़ी ने मामला दर्ज करवाया कि इस दिन सुबह करीब 10 बजे उसका बेटा अजीत कुमार उम्र 18 वर्ष व उसका दाेस्त सुरेंद्र उर्फ सन्नी पुत्र छैलूराम जाट निवासी खचवाना पेपर देने के लिए मोटरसाइकिल पर भादरा जा रहे थे। मुंसरी अड्डे से भादरा की तरफ थोड़ा आगे निकले, तो पीछे से आए जीप सवाराें ने उन्हें राेक लिया।

इसमें महीपाल पुत्र चिमनाराम जाट निवासी रामबास हाल भादरा, मुकेश शर्मा निवासी जाटान, रमेशकुमार उर्फ धोनी पुत्र प्रतापसिंह जाट निवासी दयावठ थाना सिद्धमुख, प्रीतम सोनी निवासी ढाणी मोहब्बतपुर थाना आदमपुर, जवाहरलाल पुत्र ओमप्रकाश शराब ठेकेदार खचवाना, रवींद्र निवासी निनाण, संजय जाट निवासी लुदेसर व दो अन्य व्यक्ति सवार थे।

सबने लोहे की राॅड, गंडासी और लाठियाें से अजीत पर हमला कर दिया, जबकि सुरेंद्र उर्फ सन्नी उसे बचाने की कोशिश करता रहा। इसी दाैरान गांव के ही सुमेरसिंह जाट व शंकरलाल जाट ने बाइक पर जाते समय यह घटना देखी ताे हमलावराें काे ललकारा। इस पर हमलावर जीप में बैठकर भादरा की तरफ भाग गए। सुरेंद्र, सुमेरसिंह व शंकरलाल गंभीर घायल अजीत को सरकारी अस्पताल भादरा ले गए। हालत ज्यादा खराब होने के कारण उसे रैफर करने पर हिसार ले जाते समय रास्ते में अजीत ने दम ताेड़ दिया।

एसअाेजी जांच में राेशनलाल काे भी माना सहयाेगी, उसी की मुखबिरी पर हमलावरों ने अजीत बेनीवाल को घेरा

प्रकरण में जांच के बाद पुलिस ने रमेश उर्फ धोनी, मुकेश कुमार उर्फ प्रीतम, रवींद्र कुमार, संजीव कुमार उर्फ संजय, मुकेश, विनोद कुमार, जयप्रकाश उर्फ जेपी उर्फ सायमंड के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया। बाद में एसओजी की जांच में सामने आया कि रोशनलाल बेनीवाल ने घटना से एक दिन पहले 27 अप्रेल काे मुकेश उर्फ प्रीतम को बताया था कि अजीत बेनीवाल ने 18 अप्रेल काे गांव खचवाना में रमेश उर्फ धोनी के साथ मारपीट की थी। राेशानलाल ने ही अजीत की पूरी मुखबिरी की और अजीत की लोकेशन बताई। इस कारण हमलावराें ने उसे घेर लिया।

इस आधार पर एसओजी ने रोशनलाल पुत्र रणधीरसिंह उम्र 23 वर्ष निवासी खचवाना के विरुद्ध अलग से चार्जशीट पेश की। प्रकरण में सुनवाई करते हुए एडीजे कमल लोहिया ने इन आठाें अभियुक्ताें काे अजीत बेनीवाल की हत्या का दोषी करार दिया। अभियोजन की ओर अपर लोक अभियोजक विक्रम शर्मा एडवोकेट ने पैरवी की।

धारा 302/149 आजीवन कारावास तथा 5 हजार रुपए जुर्माना, अदम अदायगी 2 वर्ष साधारण कारावास
धारा 147 2 वर्ष कठोर कारावास तथा 500 रुपए जुर्माना, अदम अदायगी 1 माह साधारण कारावास
धारा 148 3 वर्ष कठोर कारावास तथा 1000 रुपए अर्थदंड, अदम अदायगी 2 माह साधारण कारावास
धारा 341/149 1 माह साधारण कारावास तथा 500 रुपए जुर्माना, अदम अदायगी 5 दिन साधारण कारावास
धारा 120बी आजीवन कारावास तथा 5 हजार रुपए अर्थदंड, अदम अदायगी 2 वर्ष साधारण कारावास

अजीत की शराब माफिया के विराेध में गई जान

अजीत बेनीवाल के गांव खचवाना में शराब माफिया रात्रि के समय अकसर रेड करते थे। उन लोगों ने अजीत बेनीवाल को भी धमकाया था, क्योंकि अजीत गांव में अवैध शराब बिक्री का विरोध करता था। साथ ही उसने शराब ठेके गांव से बाहर स्थानांतरित करने की मांग भी बार-बार उठाई थी। इस कारण शराब माफिया उससे रंजिश रखते थे। इसी रंजिश के चलते शराब माफियाओं ने अजीत बेनीवाल की हत्या कर दी थी।

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