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शिक्षक भर्ती:वेटिंग लिस्ट की बजाय चयन सूची जारी, बाहर हुए अभ्यर्थी, खाली रह गए 5178 पदवेटिंग लिस्ट की बजाय चयन सूची जारी, बाहर हुए अभ्यर्थी, खाली

सीकर2 महीने पहले
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अफसरों की लापरवाही के कारण दो शिक्षक भर्तियों में 5178 पदाें रिक्त रह गए। चार साल बाद भी इन पदाें पर अभ्यर्थियाें काे नियुक्ति नहीं मिल पाई। इनमें 2016 में 678 व 2018 में ग्रेड थर्ड के 4500 पद रिक्त रह गए। शिक्षा निदेशालय ने 678 पदों को भरने के लिए सचिवालय जयपुर काे पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा। लेकिन चार महीने बाद भी सचिवालय से कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की गई। नतीजा अभ्यर्थियों की नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हो पा रहा है।

एक साल पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लंबित चल रही रीट 2016 को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस ली थी। इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने 2016 की भर्ती में रिक्त रहे अंग्रेजी व विज्ञान विषय के 1378 पदाें पर सितंबर 2021 में चयन सूची जारी कर दी।

लेकिन दोगुना अभ्यर्थियों को शामिल करते हुए वेटिंग लिस्ट नहीं बनाई। नतीजा दस्तावेज सत्यापन में कई अभ्यर्थी चयन से बाहर हो गए। इसलिए 678 पद खाली रह गए। इसी तरह रीट-2018 के जरिए एल-वन व एल-टू के 43,778 पदाें पर भर्ती विज्ञप्ति जारी की गई।

इसकी नियुक्ति प्रक्रिया में तय पदों की चयन सूची जारी की गई। दस्तावेजों में कमी के कारण एल-वन में एक हजार व एल-टू में 3500 पद खाली रह गए। शिक्षा निदेशालय द्वारा इन दोनों भर्तियों में वेटिंग लिस्ट जारी नहीं होने से आज तक रिक्त पदों पर अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। अभ्यर्थी एक साल से विधायकाें, मंत्री, निदेशालय के अधिकारियाें काे ज्ञापन दे रहे हैं।

Explainer : विभाग ने सत्यापन किए बिना ही जारी कर दी थी चयन सूची

नियमानुसार रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए पदों की तय संख्या से दो गुना अभ्यर्थियों की वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की गई। विभाग ने चयन सूची जारी करने के बाद अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया। इससे सत्यापन में कई अभ्यर्थी बाहर हो गए। क्योंकि रीट 2016 व 2018 में अभ्यर्थियों की मैरिट (रीट के 70% व पीजी के 30%) अंकों के आधार पर बनाई गई थी।

ऑनलाइन आवेदन में कई अभ्यर्थियों ने गलत अंक अपलोड कर दिए। जिससे वे चयन सूची की मैरिट में आ गए। लेकिन दस्तावेज सत्यापन में बाहर हो गए। अभ्यर्थियाें की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पैरवी कर चुके एडवोकेट हरदीपसिंह सुन्दरिया व वेदपाल धानोठी ने बताया कि निदेशालय ने कोर्ट के आदेशानुसार वेटिंग लिस्ट जारी नहीं की। दस्तावेजों का सत्यापन किए बिना चयन सूची जारी करने से कई अपात्र शामिल हो गए। इस चयन सूची को वैध नहीं माना जा सकता।

एक्सपर्ट : राजस्थान हाईकाेर्ट के एडवाेकेट सुशील विश्नाेई ने बताए तीन विकल्प

1. हाइकाेर्ट की खंडपीठ के आदेश के अनुसार राज्य सरकार पात्र लाेगाें की पूरक सूची जारी करके इन पदाें काे भर सकती है।

2. रीट-2016 में लेवल-2 व रीट-2018 में खाली पदाें काे लेकर काेई भी विभागीय परेशानी आड़े नहीं आ रही है।

3. कार्मिक विभाग से बार-बार अनुमति लेने की बजाय शिक्षा विभाग के सचिव स्वयं भर्ती प्रक्रिया पूरा करने में सक्षम हैं।

अभ्यर्थियों की परेशानी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। सूची जयपुर में उच्चाधिकारियों को भेजी हुई है। नियुक्ति को लेकर निदेशक व मंत्री स्तर पर भी प्रयास चल रहे हैं।
अशाेक सांगवा, एडिशनल डायरेक्टर, निदेशालय प्रारंभिक शिक्षा बीकानेर

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