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बारिश के पानी से जलमग्न हुई सड़क:लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे लोग, वाहन चालको को भी हो रही परेशानी, कब सुधरेंगे हालात

सीकर3 महीने पहले
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बारिश से हालत हुए बुरे।

दो दिन हुई बारिश में ही नगरपरिषद की पोल खुलकर सामने आ गई। कलेक्टर और पीसीसी चीफ ने बारिश को देखते हुए अधिकारियों को निर्देश भी दिए थे लेकिन उसके बाद भी हालात बद से बदतर ही नजर आ रहे हैं। सीकर की नवलगढ़ पुलिया के पास दो दिन के बारिश के पानी ने तालाब का रूप ले लिया। अब लोग इस पानी से निकलने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और कई बार इस पानी में गिरने से भी चोटिल हो रहे हैं।

मानसून को देखते हुए जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी साफ निर्देशित किया था कि बारिश को देखते हुए पहले ही पूरी तरह से व्यवस्थाओं को चाकचौबंद कर लें, लेकिन नगरपरिषद ने कलेक्टर के आदेशों में ढिलाई बरती। उसी के कारण अब लोग अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। नवलढ़ पुलिया के पास दो दिन की बारिश का पानी जमा हो चुका है। पानी भी इस तरह जमा हुआ है मानो ऐसा लग रहा है कि सड़क तालाब की तरह दिखाई दे रही है। नगरपरिषद सभापति जीवण खां ने भी अलग अलग जोन बनाकर नवलगढ़ पुलिया पर पानी की निकासी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन काम में ढिलाई का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

बारिश के पानी से सड़क हुए जलमग्न।
बारिश के पानी से सड़क हुए जलमग्न।

जलमग्न हुआ नललगढ पुलिया के पास का हिस्सा

दिख रहा यह नजारा किसी तालाब या नदी का नहीं बल्कि नवलगढ़ पुलिया के पास जमा हुए बारिश के पानी का है। दो दिन की बारिश ने ही नगरपरिषद और प्रशासन की पूरी तरह से पोल खोल कर रख दी। नवलगढ़ पुलिया के पास पानी पूरी तरह से भरा हुआ है तो वहीं पर सड़क पर भी पूरी तरह से जलमग्न हो गई है। नवलगढ़ पुलिया की समस्या आज की नहीं बल्कि कई समय पुरानी है। ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है लेकिन लापरवाही और काम में ढिलाई का नतीजा है कि यह नजारा हर बार हल्की बारिश में भी देखने को मिल जाता है।

वाहन चालक हो जाते चोटिल

सबसे ज्यादा परेशानी वाहन चालक और राहगीरों को करना पड़ रहा है। वाहन चालक जलमग्न सड़क में से अपने वाहन निकालने को मजबूर है। इसके साथ ही कई बार इस पानी में वाहन गिरने से चालक चोटिल भी हो रहे हैं। इसके साथ ही राहगीरों को इस किनारे से दूसरे किनारे जाने के लिए काफी देर संघर्ष करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आखिर इसकी जानकारी होने के बाद भी अधिकारी मौन क्यों बैठे रहते हैं। नगपरिषद को भी इसकी पूरी जानकारी है लेकिन इसके बाद भी व्यवस्था सुधारने का प्रयास नहीं किया जाता है। ऐसे में स्थानीय लोगों की समस्या बढ़ जाती है।

डोटासरा ने मीटिंग में अधिकारियों को दिए थे निर्देश।
डोटासरा ने मीटिंग में अधिकारियों को दिए थे निर्देश।

डोटासरा ने भी दिए थे सुधारने के निर्देश

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भी कुछ दिन पहले नगरपरिषद,जलदाय,पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों की मीटिंग ली थी। उन्होंने भी अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए थे। मीटिंग में कहा था कि आखिर यहां पर काम में ढिलाई क्यो बरती जा रही है। इसके साथ ही पानी की निकासी का सही माध्यम क्यों नहीं चुना जा रहा है। मीटिंग में अधिकारियों ने कार्य तेज करने का आश्वासन दिया लेकिन दो दिन की बारिश से ही सभी वादों की पोल खुल गई है।

दुकानों में भी चला जाता है बारिश का पानी।
दुकानों में भी चला जाता है बारिश का पानी।

दुकानों में घुस जाता है पानी

नवलगढ़ पुलिया के आस-पास के दुकानदारों की समस्या बारिश के पानी से ज्यादा बढ़ गई । दुकानदार काफी हैरान परेशान है। दुकानदार का कहना है कि दुकान के बाहर ही पानी भरा हुआ है। इसके साथ ही पानी दुकानों के अन्दर तक आ जाता है। जिसके कारण उनका दुकान में रखा सामान भी खराब हो जाता है। लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं है। इस पानी की समस्या से वह हर बार दोचार होते हैं।