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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच सरकार की नई गाइडलाइन:स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस अनिवार्य; एक भी पॉजिटिव मिला तो 10 दिन के लिए क्लासरूम बंद होगा

जयपुर7 महीने पहले
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच राज्य सरकार ने एक बार फिर नई गाइडलाइन जारी की है। अब स्कूल-कॉलेज में बच्चों को ऑफलाइन क्लासेस के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। स्कूलों को ऑफलाइन क्लासेस के साथ-साथ ऑनलाइन क्लास भी चलानी होगी।

स्कूल में होने वाली प्रार्थना सभा पर रोक लगा दी गई है। स्टाफ को बिना स्क्रीनिंग के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दोनों डोज लगवा चुका स्टाफ ही स्कूल आएगा।

बाहरी राज्यों के स्टूडेंट्स का आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। साथ ही, जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारैंटाइन रखा जाएगा। किसी भी शिक्षण संस्थान में कोविड पॉजिटिव मिलने पर, वहां की क्लास 10 दिन के लिए बंद रखी जाएगी।

ऑनलाइन क्लासेज अनिवार्य
प्रबंधन बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। सभी स्कूलों को ऑनलाइन क्लास चलानी होगी। 2 गज की दूरी और मास्क अनिवार्य होगा। भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम नहीं किए जा सकेंगे। बस, ऑटो और कैब ड्राइवर को 14 दिन पहले कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी जरूरी होगी। हालात को देखते हुए फैसले लेने का अधिकार जिला कलेक्टर को दिया गया है।

पैरेंट्स की अनुमति जरूरी
सभी स्टूडेंट्स की ओर से अपने माता-पिता या पैरेंट्स से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होगा। तभी स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। कोई पैरेंट अपने बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहता है, तो स्कूल उन पर अटेंडेंस का दबाव नहीं बना सकेंगे।

स्कूल स्टाफ और बच्चों की स्क्रीनिंग जरूरी
सभी स्कूल स्टाफ और बच्चों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी। मेन गेट में एंट्री से लेकर एक्जिट तक कैम्पस, क्लासेज में सोशल डिस्टेंस जरूरी होगी। कैंटीन को अगले आदेशों तक बंद रखा जाएगा। क्लास रूम, फैकल्टी रूम को सैनिटाइज किया जाएगा। खिड़की दरवाजे खुले रखने होंगे।

स्कूल प्रशासन और हेड पूरी तरह जिम्मेदार
गाइडलाइंस में कहा गया है कि अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। साथ ही, स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराएंगे। स्कूल प्रशासन और प्रधान पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। एजुकेशनल एक्टिविटी के लिए शिक्षा विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा। प्रोटोकॉल के पालन की मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। किसी भी स्कूल, हॉस्टल या शिक्षण संस्थान को बंद करने या रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टर ऑथोराइज्ड होंगे।

शिक्षण संस्थान कराएंगे एंबुलेंस का इंतजाम
कैम्पस में किसी भी स्टूडेंट,टीचर और कर्मचारी के कोविड पॉजिटिव या संभावित संक्रमण पाए जाने पर संबंधित क्लास को 10 दिनों के लिए बंद किया जाएगा। स्टूडेंट, टीचर और कर्मचारी के पॉजिटिव लक्षण पाए जाने पर हॉस्पिटल, कोविड सेंटर में इलाज और आइसोलेशन के लिए रेफर करवाया जाएगा। इंस्टीट्यूट की ओर से एंबुलेंस का इंतजाम करवाया जाएगा। साथ ही स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वो बच्चों के माता-पिता को सलाह दें कि परिवार के किसी भी सदस्य के बीमार होने की जानकारी स्कूल और प्रशासन को दें। हेल्थ डिपार्टमेंट स्कूलों में रेंडम सैम्पलिंग भी करवाएगा।

भीड़ इकट्‌ठी नहीं करनी है
भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक, सामाजिक, राजनीतिक, खेलकूद , मनोरंजन, एजुकेशनल, कल्चरल, धार्मिक समारोह, त्योहारों, शादी समारोहों में मास्क, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य होगी। मास्क पहनना, हैंड सैनिटाइजर, वर्क प्लेस पर सफाई जरूरी होगी। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना नहीं है। भीड़ इकट्‌ठी नहीं करनी है। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निकाय जॉइंट एनफोर्समेंट टीम -JET बनाकर एक स्पेशल कैम्पेन चलाएंगे।

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