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PTI भर्ती में सीपीएड-डीपीएड-बीपीएड होंगे शामिल:गहलोत कैबिनेट का फैसला; एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर की 80% पोस्ट प्रमोशन से भरी जाएंगी

जयपुरएक महीने पहले
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गहलोत सरकार की कैबिनेट मीटिंग में PTI भर्ती के साथ ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

गहलोत सरकार ने PTI भर्ती में सर्टिफिकेट कोर्स इन फिजिकल एजुकेशन, डिप्लोमा इन फिजिकल एजुकेशन और बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन तीनों तरह की योग्यता रखने वाले कैंडिडेट्स को शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए कैबिनेट ने राजस्थान एजुकेशनल सर्विस रूल्स-2021 में संशोधन की मंजूरी दे दी है।

प्रदेश में फिलहाल सीपीएड को इस भर्ती में शामिल नहीं किया जाता है। सीपीएड की जगह पर 12वीं क्लास के बाद डीपीएड कोर्स चलाया जाता है। पीटीआई की पोस्ट पे-मैट्रिक्स लेवल 10 की है। यह 100 फीसदी सीधी भर्ती से ही भरी जाएगी। इसके साथ ही कैबिनेट ने एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर की 80 फीसदी पोस्ट प्रमोशन से भरने का फैसला लिया है। अभी 50 फीसदी सीधी भर्ती और 50 फीसदी पद प्रमोशन से भरे जाते हैं, जबकि सूचना सहायक, सहायक प्रोग्रामर को प्रमोशन देने का निर्णय लिया है। सरकार ने राजस्थान कम्प्यूटर राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम 1992 के सर्विस रूल्स में संशोधन को मंजूरी दी है।

जिला कलेक्टर को चारा-पानी के बंदोबस्त के निर्देश
राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में फैसला लिया गया है कि जो जिले अकाल प्रभावित नहीं हैं, लेकिन जहां चारे के भाव बढ़ गए हैं। वहां चारा डिपो खोलने के लिए कलेक्टर ऑथोराइज्ड होंगे। साथ ही पीने के पानी की कमी वाले जिलों के लिए टैंकर से पानी की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्रिपरिषद में बिजली की उपलब्धता में कमी और देश में कोयला संकट के बावजूद केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को इम्पोर्टेड कोयला की मात्रा 10 फीसदी तक बढ़ाकर खऱीदने की अनिवार्यता से प्रदेश पर पड़ने वाले वित्तीय भार पर चर्चा की गई।

साथ ही कोयले की सप्लाई सुनिश्चित करने और ऐक्सट्रा स्टॉक रखने के लिए भी विभाग के अधिकारियों को कहा गया। मनरेगा में हर गांव में काम के लिए ग्रामीण विकास विभाग को रेग्युलर मॉनिटरिंग करने को कहा गया है।

इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में आवारा पशुओं-गौवंश का रख-रखाव
साथ ही शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्याओं को रोकने के लिए कैबिनेट सब कमेटी बनाने का फैसला लिया गया है। राज्य की गौशालाओं और नंदी शालाओं को चलाने और उनके लिए चारागाह जमीन आवंटित कराने के भी निर्देश दिए गए। इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में आवारा पशुओं और गौवंश के रख-रखाव संबंधी कामों को शामिल करने का भी निर्णय लिया गया।

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