पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

45 मिनट में सॉल्व किए 100 प्रश्न, तीन बहनें टॉपर:पिता रिश्तेदार से लाए लैपटॉप, 12 किताबों का सिलेबस 40 दिन में पूरा किया

नागौर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
रितु, सपना और कोमल  तीनों बहनों ने टॉप किया  है। इस परीक्षा के लिए 4 घंटे तक पढ़ाई करती। तीनों ही  आईएएस बनना चाहतीं है। - Money Bhaskar
रितु, सपना और कोमल तीनों बहनों ने टॉप किया है। इस परीक्षा के लिए 4 घंटे तक पढ़ाई करती। तीनों ही आईएएस बनना चाहतीं है।

सर्वोदय विचार परीक्षा में नागौर की तीन बहनों ने टॉप किया है। तीनों ही पहले, दूसरे और तीसरे नंबर पर रही। हालांकि यह चाचा-बुआ की बेटियां है लेकिन एक ही परिवार से टॉप कर चौंका दिया है। यह परीक्षा राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड एवं राजस्थान राज्य गांधी स्मारक निधि के संयुक्त तत्वावधान में हुई थी।

तीनों बहने रियां बड़ी के 11वीं कक्षा में पढ़ती है। 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली रितु जांगिड़ ने जिले में टॉप किया है। जिले की दूसरी दो टॉपर सपना और कोमल रितू की बहन है। दूसरे स्थान पर रही सपना रितू के चाचा की बेटी है तो वहीं कोमल बुआ की बेटी है।

रितू ने बताया कि इस परीक्षा का सिलेबस ऑनलाइन था। इसमें 12 किताबों का सिलेबस था। लैपटॉप नहीं था तो पिता रिश्तेदार के यहां से लेकर आए। इसके बाद 12 किताबों का सिलेबस 40 दिन में पूरा कर दिया। इसके बाद तीनों बहनें रोजाना 4 से 5 घंटे की पढ़ाई करती। इस परीक्षा में रितू ने 100 में से 91, सपना ने 89 और कोमल ने 87 नंबर प्राप्त किए। रितू ने बताया कि परीक्षा में 100 ऑब्जेक्टिव प्रश्न थे, जिन्हें 90 मिनट में सॉल्व करना था। तीनों ने 45 मिनट में ही पूरा पेपर सॉल्व कर टॉप थ्री में जगह बनाई।

प्रदेश के 212 सेंटर पर हुई थी परीक्षा
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन मूल्यों एवं सिद्धान्तों से विद्यार्थियों को रुबरू कराने के लिए प्रदेश भर के 212 परीक्षा केंद्र में सर्वोदय विचार परीक्षा आयोजित करवाई गई थी। बाल दिवस के मौके पर आयोजित हुई इस परीक्षा में प्रदेश के 58 हजार 676 विद्यार्थी शामिल हुए थे। कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी ग्रुप-2 की परीक्षा में 100 ऑब्जेक्टिव प्रश्न थे। इससे पहले भी रितू जांगिड़ ने प्रतिभा खोज परीक्षा में पूरे प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल की थी। तीनों साइंस मैथ्स की स्टूडेंट है। बातचीत में तीनों बहनों ने बताया कि उन्हें उनकी स्कूल में टीचर और पेरेंट्स के सपोर्ट से इस परीक्षा में कामयाबी मिली है। तीनों बहने कॉलेज पूरी करने के बाद सिविल एग्जाम की तैयारी करना चाहती है और IAS बनना चाहती है।