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दोस्ती हो तो ऐसी:दो कॉन्स्टेबल साथी बीमार हुए, तीसरे ने लिखा- मन नहीं लग रहा, अफसर ने उसे भी छुट्‌टी दे दी

जोधपुर4 महीने पहले
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आमतौर पर हम अपने ऑफिस से छुट्‌टी तभी लेते हैं, जब कोई जरूरी काम होता है, कोई बीमार हो जाता है या शहर से बाहर जाना होता है। लेकिन जोधपुर के एक कॉन्स्टेबल ने ऐसी ही छुट्‌टी ली है, जिसे जानकर आप लोग चौंक जाएंगे।

कॉन्स्टेबल ने एप्लीकेशन में ऐसा कारण बताया कि थाना अधिकारी छुट्टी देने से खुद को रोक नहीं पाए और 4 दिन की छुट्‌टी दे दी। कॉन्स्टेबल ने एप्लीकेशन में लिखा था- दो साथी घर चले गए हैं। मेरा भी मन नहीं लग रहा है। मैं भी छुट्‌टी पर जाना चाहता हूं।

जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के राजीव गांधी थाने में कार्यरत कॉन्स्टेबल राजेश कुमार के साथ काम करने वाले कॉन्स्टेबल रामकरण और कर्ण सिंह बीमार हो गए थे। दोनों छुट्‌टी पर चले गए। राजेश अकेले रह गया। हमेशा साथ रहने वाले साथी चले गए थे। वो बीमार हो गए थे। इससे राजेश का मन नहीं लग पा रहा था। राजेश को उनकी याद आने लगी और चिंता सताने लगी।

थानाधिकारी ने सादगी देख दे दिया अवकाश
कॉन्स्टेबल राजेश ने अपनी अर्जी में दो आकस्मिक अवकाश तथा दो राजकीय अवकाश कुल 4 दिनों की छुट्टी देने की गुजारिश की। थानाधिकारी अनिल यादव ने जब छुट्टी का कारण पढ़ा तो वह भी हैरान रह गए। उन्होंने कॉन्स्टेबल की मनोदशा देख छुट्‌टी देना उचित समझा। उन्होंने कॉन्स्टेबल की छुट्‌टी को मंजूरी दे दी।

सोशल मीडिया पर चर्चा
राजेश कुमार की छुट्टी की एप्लीकेशन पत्र सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। लोग इसे सहकर्मियों के साथ दोस्ती की भावनाओं को लेकर राजेश कुमार की साफगोई और छुट्टी का कारण मन नहीं लगने जैसी बात बताने को बेहद पसंद कर रहे हैं।

कई पुलिसकर्मी रहते हैं तनाव में
यह बात सर्वे में सामने आ चुकी है कि लगातार ड्यूटी करने के चलते पुलिसकर्मी अवसाद में रहते हैं। जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट सहित पुलिस विभाग अपने कर्मचारियों का तनाव खत्म करने के लिए कई बार कार्यशाला का आयोजन कर चुका है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें अवसाद के चलते पुलिसकर्मी आत्महत्या जैसे कदम तक उठा लेते हैं। ऐसे में राजेश कुमार की मनोदशा भी अपने साथियों की अनुपस्थिति में कुछ अवसाद जैसी नजर आ रही थी।

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