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नेचर बचाने की मुहिम:पेड़-पौधों की बच्चों की तरह देखभाल, 300 पेड़ लगाकर पर्यावरण बचाने में जुटे कार्यकर्ता

भोपालगढ़एक महीने पहले
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दुनिया में नेचर लवर की ओर से प्रकृति को बचाने के लिए कई जतन किए जाते हैं। इसी कड़ी में भोपालगढ़ में 2015 से पर्यावरण रक्षा समिति द्वारा पौधों के संरक्षण का कार्य अनवरत रूप से किया जा रहा है। शहर के राठौलाई नाड़ी परिसर में 300 से ज्यादा पेड़ पौधे लगाए गए।

पौधा ले रहा पेड़ों का आकार
जिसके बाद लगातार देखभाल और सार संभाल के चलते अब हर पौधा पेड़ का आकार ले रहा है। कार्यकर्ता तेज गर्मी में भी पेड़ों की बच्चों की तरह देखभाल कर रहे हैं। समिति के दिनेश कुमार टाक ने बताया कि पिछले आठ दिनों से समिति के कार्यकर्ता द्वारा पेड़ पौधों के निराई गुड़ाई का कार्य चल रहा है। पेड़ों के पास जमा गंदगी, पॉलीथिन थैलियां और कंटीली झाड़ियों को हटाया जा रहा है।

पेड़ के चारों तरफ खोदे गड्ढे
जेसीबी की मदद से हर पेड़ के चारों तरफ पानी इक्कठा रखने के लिए बड़े-बड़े गड्ढे खोदे जा रहे हैं। हंसराज सोनी में बताया कि जेसीबी की मदद से बड़े गड्ढे खोदे गए हैं। जिसमें एक टैंकर पानी आसानी से भरा जा सके। आगामी वर्षा ऋतु को देखकर तैयारियां पूर्व में ही शुरू की जा चुकी हैं।

पौधों को पिलाया जा रहा पानी
बारिश के दिनों पानी व्यर्थ ना बहे और गड्ढे में एकत्र रहे। वहीं अभी भीषण गर्मी में समिति के सदस्यों द्वारा टैंकर के माध्यम से ही पौधों को पानी पिलाया जा रहा है। समिति के दिनेश कुमार टाक ने बताया कि समिति के जरिए जल्दी ही पीपाड़ शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में अंग्रेजी बबूल मुक्ति अभियान चलाया जाएगा।

ग्रामीण क्षेत्र होगा बबूल मुक्त
नागरिकों व जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीणों क्षेत्र के गांवो को बबूल मुक्त किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण में सुरेंद्र टाक, ओमप्रकाश विश्नोई,सहीराम विश्नोई, सतीश व्यास,जितेंद्र सिंह, बसन्त भाटी,संजय सेन,प्रशांत वैष्णव,हापुराम सोलंकी,जगदीश साँखला,सहीराम विश्नोई सहित कार्यकर्ता निरंतर पेड़ पौधों की सार संभाल कर रहे हैं।

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