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एजुकेशन अनलॉक:5 माह बाद कक्षा 6 से 8वीं तक के बच्चे पहुंचे स्कूल, पहले दिन 40% उपस्थिति

टोंकएक महीने पहले
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मालपुरा| बच्चों को पुष्प गुच्छ भेंट कर किया शिक्षकों ने स्वागत। - Money Bhaskar
मालपुरा| बच्चों को पुष्प गुच्छ भेंट कर किया शिक्षकों ने स्वागत।
  • यूनिफाॅर्म, जूते, स्टेशनरी, अन्य वस्तुओं का 30 करोड़ व्यापार की संभावना

कोरोना की दूसरी लहर के चलते 12 अप्रैल से बंद छठी से आठवीं तक के छात्रों के लिए स्कूल सोमवार से खुल गए। हालांकि पहले दिन महज 40 से 45 फीसदी बच्चे ही स्कूल पहुंचे। अधिकतर स्कूलों में पूरे आठों पीरियड तक कक्षाएं संचालित होती मिली। विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले दिन अभिभावकों की सहमति अनुसार बच्चों की उपस्थिति रही। इधर, पहली से पांचवी तक के छात्रों को सरकार ने 27 सितंबर से बुलाने की अनुमति दी है।

उल्लेखनीय है कि कोरोना के केस बढ़ने से सरकार ने 12 अप्रैल से स्कूलें बंद करने की घोषणा की थी। इसके बाद से छठी से आठवीं तक की कक्षाओं के बच्चे स्कूल नहीं आ रहे थे। पिछले एक सितम्बर से नवीं से 12वीं तक की कक्षाओं के संचालन की अनुमति सरकार पहले दे चुकी है। पहले दिन कोरोना गाइडलाइन की पालना के साथ बच्चे स्कूल पहुंचे। जिले में उच्च प्राइमरी स्तर की करीब 1639 स्कूलें है। सरकारी व निजी स्कूलों में पहली से आठवीं के 77 हजार से अधिक छात्र है।

बच्चों के स्कूल जाने के साथ ही जिले में करीब 30 करोड़ रुपए का कारोबार होगा। अभी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही स्कूल संचालित होंगे। वहीं जिले में प्रारंभिक शिक्षा के संचालित सरकारी स्कूलों के भी संचालित होने के बाद स्टेशनरी, बुक शॉप, यूनिफॉर्म, बैग्स, वाहन आदि का संचालन होने से आमदनी बढ़ेगी। भास्कर ने बाजार के गणित की गणना की तो सामने आया कि आगामी दिनों में जिले में करीब 30 करोड़ के कारोबार होने की उम्मीद है।

बिना मास्क नहीं दी एंट्रीजिला शिक्षा अधिकारी रामनिवास शर्मा ने बताया कि छठी से आठवीं तक की कक्षाओं का संचालन सुबह साढ़े 7 से दोपहर साढ़े 12 बजे तक हुआ। उन्होंने बताया कि पहले दिन क्षमता के मुकाबले 50 फीसदी बालकों को ही बुलाने के संस्था प्रभारियों को निर्देश दिए गए थे। हालांकि बच्चे भी करीब 40 फीसदी तक ही आए। इससे कक्षा कक्षों में सोशल डिस्टेंस बना रहा। बिना मास्क किसी भी बच्चे को स्कूल में एंट्री नहीं दी गई।

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