पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

6 दिन चलेगी डॉल्फिन की काउंटिंग:नए सिरे से गिनती के लिए बनाया निगरानी प्रोटोकॉल, कल से शुरू होगी गिनती

सवाई माधोपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चंबल नदी में अठखेलियां करती डॉल्फिन की नए सिरे से होगी गणना। - Money Bhaskar
चंबल नदी में अठखेलियां करती डॉल्फिन की नए सिरे से होगी गणना।

केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने वन क्षेत्र संरक्षण के साथ गंगा डॉल्फिन और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के लिए हाल ही में दिशा निर्देश जारी किए थे। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इस संबंध में फील्ड गाइड 2021-22 जारी करते हुए नए सिरे से गिनती के लिए निगरानी प्रोटोकॉल बनाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद अब वन विभाग की ओर से शुक्रवार से डॉल्फिन की गिनती शुरु होगी। पिछली बार हुई गणना में राजस्थान डॉल्फिन की संख्या 14 थीं।

केन्द्र सरकार ने गाइडलाइन जारी कर कहा था कि डॉल्फिन के संरक्षण से भारत के सम्पूर्ण जलीय परिस्थितिकी तंत्र और उस पर निर्भर लोगों का भला होगा। इसी के साथ ही प्रकृति की बेहतर समझ को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड,असम, बंगाल और पंजाब में डॉल्फिन की नए सिरे से गिनती के लिए पहली बार मानकीकृत निगरानी प्रोटोकॉल बनाया गया।

इसी प्रोटोकॉल के तहत अब राजस्थान में डॉल्फिन की गणना की जा रही है। राजस्थान में वन विभाग की ओर डॉल्फिन की गणना 28 जनवरी से 2 फरवरी तक की जाएगी। गणना पूरी होने के बाद राजस्थान क्षेत्र की चंबल नदी में पाए जानी वाली डॉल्फिन की संख्या पता चल सकेगी।

डॉल्फिन के बारे में जानिए
यह स्तनधारी जीव हैं। दुनियाभर में इनके 17 वंश और 40 प्रजातियां पाई जाती है। इनका आकार 1.2 से 9.4 मीटर तक होता है। इनका वजन 400 Kg से लेकर 10 टन तक हो सकता है। डॉल्फिन 10-15 मिनट तक पानी के अंदर रह सकती है, लेकिन वह पानी के अंदर सांस नहीं ले सकती। यह शुद्ध गहरे जल रहती है। भारत में यह गंगा नदी और चंबल नदी में पाई जाती है। राजस्थान में यह धौलपुर के चंबल नदी के क्षेत्र में पाई जाती है।

हाल ही में सरकार की ओर से डॉल्फिन संरक्षण के लिए नए प्रोटोकाॅल व दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। जिसके बाद सरकार के नए निर्देशों के अनुसार एक्शन प्लान तैयार किया गया। अब नए सिरे से डॉल्फिन की गणना करवाई जा रही है। राजस्थान में में 28 जनवरी से 2 फरवरी तक करवाई जाएगी।
अनिल यादव, डीएफओ, नेशनल चंबल सेंचुरी।

खबरें और भी हैं...