पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

राजस्थान में कोरोना की तीसरी लहर की आहट:अक्टूबर में 102 केस आए थे, नवंबर में 365 हो गए; आज 6 साल की छात्रा संक्रमित मिली

जयपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

राजस्थान में कोरोना का ग्राफ नवंबर में तेजी से बढ़ने लगा है। अक्टूबर के मुकाबले नवंबर में केस 257% बढ़े हैं। नवंबर के 30 दिनों में राजस्थान में 365 नए मरीज मिले हैं। अक्टूबर में यह संख्या केवल 102 थी, जबकि सितम्बर में 232 मरीज मिले थे। जिलेवार स्थिति देखें तो राज्य के 33 में से 16 जिले ऐसे भी हैं, जहां कोरोना के पूरे महीने में एक भी केस नहीं मिला है। वहीं, आज भीलवाड़ा में 6 साल की छात्रा पॉजिटिव मिली है। जो कंवलियास के नईका खेड़ा सरकारी स्कूल की छात्रा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसे तीसरी लहर की आहट भी कह सकते हैं। अभी राजस्थान समेत पूरे भारत में कोरोना का कोई नया वैरिएंट नहीं आया है। अधिकांश लोग वैक्सीन की कम से कम एक या दोनों डोज लगवा चुके हैं। डोज लगने और कोरोना के केस कम होने के बाद लोग अब लापरवाही बरत रहे हैं। कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे।

53 मरीज केवल जयपुर में
राजस्थान में स्थिति देखें तो नवंबर में 33 में से 6 ऐसे जिले हैं, जहां 10 या उससे ज्यादा की संख्या में मरीज मिले हैं। सबसे ज्यादा मामले 196 जयपुर में आए हैं। यहां कुल राजस्थान के केस की संख्या के मुकाबले 53 फीसदी है। दूसरा बड़ा सेंटर अजमेर है, जहां 57 केस मिले हैं। इसके बाद बीकानेर, अलवर, नागौर और उदयपुर का नंबर आता है।

राजस्थान में इस साल 11 महीने में कोरोना की स्थिति

महीनाकेसमौत
जनवरी

9238

70
फरवरी

2845

21
मार्च

12,813

31
अप्रैल

2,64,852

1,421

मई

3,41,957

4,146

जून

12,464

536

जुलाई

1,245

33

अगस्त

428

0
सितम्बर

232

0
अक्टूबर

102

0
नवंबर

365

1

4 महीने बाद जयपुर में मौत

केवल जयपुर की बात करें तो यहां अक्टूबर की तुलना में नवंबर में 3 गुना केस बढ़े हैं। 4 महीने बाद जयपुर में इस बीमारी से एक मौत भी हुई है। हालांकि राहत की बात ये है कि जयपुर में जितने भी केस मिले है उसमें अधिकांश मामले बिना लक्षण या हल्के लक्षण वाले हैं। जिसके कारण वह मरीज घर बैठे ही ठीक हो गए।

ये जिले नवंबर में रहे सुरक्षित

टोंक, सीकर, सिरोही, सवाई माधोपुर, प्रतापगढ़, करौली, झुंझुनूं, झालावाड़, जालौर, डूंगरपुर, धौलपुर, चूरू, चित्तौड़गढ़, बूंदी, भरतपुर और बांसवाड़ा ऐसे जिले हैं, जहां पूरे महीने में एक भी केस नहीं मिला है। कोटा, हनुमानगढ़, गंगानगर, भीलवाड़ा और बारां में पूरे महीने में केवल एक-एक केस मिला है।