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राजस्थान में तीन पारियों में चलेंगे स्कूल:फिर से शुरू होगी ऑनलाइन पढ़ाई, प्रार्थना पर लगी रोक, कैंटीन रहेंगे बंद

जयपुरएक वर्ष पहले
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राजस्थान में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के बाद शासन-प्रशासन एक्टिव हो गया है। गृह विभाग की गाइडलाइन के बाद शिक्षा विभाग ने भी कोरोना की नई गाइडलाइन जारी कर दी है। प्रदेश भर के स्कूलों में अब तीन पारियों में पढ़ाई होगी। कक्षा पहली से पांचवी के बच्चों को सुबह 10 से दोपहर 3:45 तक पढ़ने के लिए बुलाया जाएगा। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को सुबह 10:15 से शाम 4 बजे तक स्कूल बुलाया जाएगा। कक्षा 9 से 12 के बच्चों को सुबह 10:30 से शाम 4:15 बजे तक के शिफ्ट में रखा गया है।

प्रार्थना सभाओं-कैंटीन खोलने पर रोक
शिक्षा विभाग ने प्रार्थना सभाओं-कैंटीन खोलने पर भी रोक लगा दी है। बाहरी राज्यों के स्टूडेंट्स का आरटी-पीसीआर टेस्ट जरूरी कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें क्वारैंटाइन रखा जाएगा। जिस स्कूल में कोविड पॉजिटिव मिलेंगे, उस क्लास को 10 दिन के लिए बंद रखना होगा।

ऑनलाइन क्लास चलाना सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य
प्रदेश में कोरोना के केस बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग ने नई कोविड गाइडलाइन का आदेश जारी कर दिया है। अब स्कूल प्रबंधन बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। सभी स्कूलों को ऑनलाइन क्लास चलानी होंगी। स्टाफ को स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। 2 गज की दूरी और मास्क अनिवार्य होगा।

स्कूलों में प्रार्थना सभा नहीं होंगी। कैंटीन बंद रहेंगी। स्कूल को हर दिन सैनेटाइज करना होगा। भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम नहीं किए जा सकेंगे। बस,ऑटो और कैब ड्राइवर को 14 दिन पहले कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगवानी जरूरी होगी। हालात को देखते हुए फैसले लेने की पावर जिला कलेक्टर को दे दी गई है।

सभी स्टूडेंट्स के पेरेंट्स से स्कूल आने के लिए परमिशन जरूरी
सभी स्टूडेंट्स की ओर से अपने माता-पिता या पेरेंट्स से लिखित में अनुमति लेना अनिवार्य होगा। तभी स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई कर सकेंगे। कोई पेरेंट्स अपने बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहता है,तो स्कूल उन पर अटेंडेंस का दबाव नहीं बना सकेंगे। साथ ही उन बच्चों के ऑनलाइन स्टडी की व्यवस्था करनी होगी।इंस्टीट्यूट आने वाले बस,ऑटो,कैब ड्राइवर वगैरह को 14 दिन पहले वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना जरूरी है। वाहन की बैठक क्षमता के अनुसार ही स्टूडेंट्स और स्टाफ को परमिशन होगी।

स्कूल स्टाफ और बच्चों की स्क्रीनिंग करनी जरूरी
सभी स्कूल स्टाफ और बच्चों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करनी होगी। नो मास्क नो एंट्री की पालना जरूरी है। रेगुलर क्लासेज में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट्स को दो गज की दूरी पर बैठाया जाएगा। प्रार्थना सभा और किसी भी तरह के भीड़ भाड़ के प्रोग्राम नहीं किए जा सकेंगे। मेन गेट में एंट्री से लेकर एग्जिट तक कैंपस,क्लासेज में सोशल डिस्टेंस जरूरी होगी। कैंटीन को अगले आदेशों तक बंद रखा जाएगा। क्लास रूम,फैकल्टी रूम को सैनिटाइज किया जाएगा। खिड़की दरवाजे खुले रखने होंगे।

स्कूल प्रशासन और हेड पूरी तरह जिम्मेदार
गाइडलाइंस में कहा गया है कि अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। स्कूलों में कोरोना गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। स्कूल प्रशासन और प्रधान पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे। एजुकेशनल एक्टिविटी के लिए शिक्षा विभाग दिशा-निर्देश जारी करेगा। कोरोना प्रोटोकॉल के पालन की मॉनिटरिंग के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। किसी भी स्कूल, हॉस्टल या शिक्षण संस्थान को बंद करने या रोक लगाने के लिए जिला कलेक्टर ऑथोराइज्ड होंगे।

स्कूलों में प्रार्थना और कैंटीन बंद:बच्चों को स्कूल आने के लिए नहीं कर सकेंगे फोर्स, बाहर से आने वाले होंगे क्वारंटीन