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NEET में फर्जी कैंडिडेट को बैठाने वाला लड़ा है चुनाव:2 साल पहले गैंग के संपर्क में आया, अपने बैच का रहा है टॉपर; एग्जाम देने वाले को देता था 10 लाख रुपए

जयपुर3 महीने पहले
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जयपुर में गोपालपुरा बाईपास पर त्रिवेणी नगर में एएसपी विमल नेहरा, पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र कमांडो व दोनों कॉन्स्टेबल ने मिलकर डॉ. राजन राजगुरु (इनसेट) को पकड़ा था।

NEET में असली अभ्यर्थियों से 25-30 लाख रुपए लेकर डमी स्टूडेंट बैठाकर परीक्षा दिलवाने के मामले में पुलिस ने राजन राजगुरु को गिरफ्तार किया है। वह कोटा का 'बायो गुरु' के नाम से फेमस है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के कनेरा में सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर राजन राजगुरु पिछले दो साल से फर्जी अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठाने वाले गैंग के संपर्क में था। अजमेर पुलिस की गिरफ्त में आए बिहार के रहने वाले तंजीर, सीकर के रहने वाले 12वीं पास महेंद्र सैनी और डॉक्टर राजन राजगुरु मिलकर राजस्थान में गैंग चला रहे थे। मास्टर माइंड तंजीर भी कोटा के ही एक नामी कोचिंग में लेक्चरर है। तंजीर एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स को 10 लाख रुपए देता था।

स्कूल की पढ़ाई से लेकर मेडिकल की पढ़ाई तक रहा टॉपर, विधानसभा चुनाव लड़ा
डॉक्टर राजन राजगुरु बचपन से पढ़ाई में होशियार रहा है। बाड़मेर में बालोतरा, पुरोहितों की ढाणी का रहने वाले राजन राजगुरु का परिवार काफी साल पहले जोधपुर आ गया था। यहीं किराए से मकान लेकर परिवार के साथ रहने लगे। उसके पिता का निधन हो चुका है। उसका भाई भी डॉक्टर है। दोनों ने कोटा में मेडिकल की पढ़ाई की थी।

राजगुरु स्कूल में पहली से 12वीं कक्षा तक टॉपर रहा था। वर्ष 2010 में RPMT में प्रदेश में सेकेंड टॉपर रहा। 2018 में इंटर्नशिप पूरी की। कोटा के मेडिकल कॉलेज से MBBS पूरी करने के बाद राजन ने कोटा के महावीर नगर में ही कोचिंग चलाना शुरू कर दिया।

मेडिकल पढ़ाई पूरी कर 2018 में डॉ. राजन राजगुरु ने लड़ा था विधानसभा चुनाव
मेडिकल पढ़ाई पूरी कर 2018 में डॉ. राजन राजगुरु ने लड़ा था विधानसभा चुनाव

कोटा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र से लड़ा चुनाव, जमानत जब्त हो गई

कोचिंग में पढ़ाते वक्त ही डॉ. राजन राजगुरु ने अभिनव राजस्थान पार्टी के बैनर तले वर्ष 2018 में कोटा दक्षिण से विधानसभा का चुनाव लड़ा। यह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का गृह क्षेत्र है। इस चुनाव में राजन राजगुरु की जमानत जब्त हो गई। इस बीच, मेडिकल ऑफिसर के पद पर नौकरी लग गई। वह कोटा से चित्तौड़गढ़ आ गया। तब उसने एक सहयोगी टीचर के माध्यम से कोचिंग चालू रखी। संचालन अच्छा नहीं होने पर करीब एक साल पहले राजन राजगुरु को कोचिंग सेंटर बंद करना पड़ा।

कोचिंग में आने वाले छात्रों से मेडिकल कॉलेज में दाखिले के लिए वसूली रकम
पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि राजन कोचिंग बंद होने के बाद भी छात्रों के परिवार वालों से संपर्क में रहा। मेडिकल कॉलेज में दाखिला करवाने के लिए उनके अभिभावकों से संपर्क कर लाखों रुपए वसूलने लगा।

चार दिन पहले दिल्ली में अर्पित स्वामी के पकड़े जाने पर राजन व तंजीर का नाम सामने आया

NEET के पहले ही नागौर जिले में लाडनूं थाना प्रभारी राजेंद्र कमांडों को परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलवाने वाले गैंग की सूचना मिली। तब डीडवाना के एएसपी विमल नेहरा, लाडनूं थाना प्रभारी राजेंद्र कमांडो, अजमेर जिला स्पेशल टीम के कॉन्स्टेबल रामधन चौधरी और प्रेमचंद अडानिया की टीम ने चार दिन पहले दिल्ली के विकासपुरी से अर्पित स्वामी को पकड़ा। वहां मिले मोबाइल फोन, लैपटॉप व जब्त किए दस्तावेजों से राजस्थान में तंजीर व राजन राजगुरु का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने कोटा में अर्पित स्वामी के गुर्गे गजेंद्र स्वामी को पकड़ा। वह अर्पित के कहने पर डमी अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दिलाने के लिए सौदे में तय किए 22 लाख रुपए लेने आया था। इसके बाद चार सदस्यीय पुलिस टीम कोटा से रविवार को जयपुर आ गई।

NEET देने आने वाले मेडिकल स्टूडेंट के इंतजार में पकड़ा गया राजन राजगुरु

रविवार को गैंग के सरगना डॉ. राजन राजगुरु के प्रताप नगर (जयपुर) में ही रावत पब्लिक स्कूल में होने की जानकारी मिली। यहां राजन राजगुरु को एक मेडिकल स्टूडेंट को निजी मेडिकल कॉलेज से बुलाकर किसी परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दिलवानी थी। अस्पताल अधीक्षक के आदेशों पर 13 सितंबर (NEET के दिन) को कोई भी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज से बाहर नहीं आ सका। ऐसे में डॉ. राजन ने जिस स्टूडेंट से सौदा किया था, वह नहीं आया। परीक्षा का आधा वक्त गुजरने तक राजन राजगुरु ने उसका इंतजार किया। फिर टैक्सी लेकर गोपालपुरा बाईपास पर त्रिवेणी नगर पहुंचा। वहां पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र कमांडो व दोनों कॉन्स्टेबलों ने राजन राजगुरु को धर-दबोचा। इसके बाद गैंग में शामिल अब तक 9 लोगों को अजमेर पुलिस की टीम गिरफ्तार कर चुकी है।