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जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक:डेढ़ साल बाद बैठक, 18 दिन पहले सूचना; फिर भी अफसर नहीं दिखा पाए विकास के आंकड़े

जयपुरएक महीने पहले
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जयपुर शहर और जिले में विकास योजनाओं (खासकर केंद्रीय) का जिम्मा संभाल रहे जिले के विभिन्न विभागों के अफसरों की हालत देखिए, उन्हें न तो विकास योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी है, न इस बात का पता है कि वैक्सीनेशन कब तक पूरा करा लेंगे। सड़क, आवास, पेयजल, पेंशन, स्वच्छता जैसे मुद्दों से जुड़ी योजनाओं के बारे में भी अफसर अपडेट नहीं हैं।

कलेक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की सोमवार को हुई बैठक में यह स्थिति सामने आई। हर 6 माह में होने वाली यह बैठक इस बार कोरोना के चलते डेढ़ साल बाद बुलाई गई तो भी अधिकारी आधी-अधूरी तैयारी के साथ पहुंचे। ऐसे में बैठक का कोई खास नतीजा सामने नहीं आया। 30 सितंबर को बैठक की सूचना दी गई थी। 18 दिन पहले सूचना मिलने के बाद भी अफसर विकास और वैक्सीनेशन की जानकारी नहीं जुटा पाए।

कई विभागों के आला अफसर नहीं आए, अधीनस्थों को भेजा

पीडब्ल्यूडी, जिला परिषद, महिला बाल विकास, सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के जिलास्तर के अधिकारियों ने तो खुद उपस्थित होने के बजाय अधीनस्थ अधिकारियों को बैठक में भेज दिया। इस पर सांसदों ने कलक्टर के समक्ष नाराजगी जताई। बता दें कि सरकारी खासकर केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा के लिए हर 6 माह में यह बैठक बुलाई जाती है। केंद्र ने अभी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को इसका समन्वयक बनाया हुआ है।

लगभग डेढ़ दर्जन विभागों से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के लिए सोमवार को कलक्टर अंतर सिंह नेहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राठौड़ के साथ सांसद रामचरण बाेहरा, जिला प्रमुख रमादेवी भी मौजूद रहे। अधिकारी इन योजनाओं से जुड़ी जानकारियां नहीं दे पाए तो सांसदों ने जिला प्रशासन व जिला परिषद के संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

सांसद को नोडल अधिकारियों के नाम तक नहीं बता पाए अधिकारी

जिला परिषद के अधिकारी जीडी मंगल परिषद और क्षेत्रों में हाे रहे विकास कार्यों की जानकारी नहीं दे पाए। सांसद राठौड़ ने पूछा कि जिले में कितने सांसदों-विधायकों के कार्य किए जाते हैं, इसका भी जवाब नहीं दे पाए। याेजनाओं के नोडल अधिकारियों के नाम पूछे तो यह भी नहीं बता सके। पीएचईडी के अधिकारियों से 165 कराेड़ की जल याेजनाओं के बारे में पूछा तो उनके पास सूची ही नहीं थी।

दाेनाें सीएमएचओं से पूछा कि जिले में वैक्सीनेशन कब पूरा हाेगा लेकिन वे जवाब नहीं दे सके। उनके पास वैक्सीन से जुड़े आंकड़े भी नहीं मिले। इस पर सांसद बाेहरा ने सीएमएचओ नरोत्तम शर्मा के समक्ष नाराजगी जताई। राठौड़ और बोहरा ने अनुशंसा के बावजूद वैक्सीनेशन कैंप नहीं लगाने का आरोप भी लगाया। वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी विधानसभा वार सड़कों के निर्माण कार्यों की जानकारी नहीं दे पाए।

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