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रजिस्ट्री में फर्जी ई चालान बनाकर ठगी केस:करोड़ों रुपए के ठगी केस में जयपुर कमिश्नरेट ने गठित की SIT, क्राइम एंड विजीलेंस के एडिशनल डीसीपी करन शर्मा को सौंपी कमान

जयपुरएक महीने पहले
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फर्जी ई-चालान बनाकर विक्रय पत्र पंजीयन करवाकर सरकार को करोड़ों रूपयों की राजस्व हानि पहुँचाने के मामले में एसआईटी जांच करेगी - Money Bhaskar
फर्जी ई-चालान बनाकर विक्रय पत्र पंजीयन करवाकर सरकार को करोड़ों रूपयों की राजस्व हानि पहुँचाने के मामले में एसआईटी जांच करेगी

फर्जी ई-चालान बनाकर विक्रय पत्र पंजीयन करवाकर सरकार को करोड़ों रूपयों की राजस्व हानि पहुँचाने के मामले में दर्ज मुकदमे के अनुसंधान में जयपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सरगनाओं तक पहुंचने के लिए विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। अब जयपुर कमिश्नरेट में क्राइम एंड विजीलेंस ब्रांच में एडिशनल डीसीपी करन शर्मा को केस की कमान सौंपी है।

जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के आदेशों के बाद अब एडीसीपी करन शर्मा, पुलिस इंस्पेक्टर हरजीलाल यादव व नरेंद्र पारीक की तीन सदस्यीय टीम बनीपार्क थाने में दर्ज हुए मुकदमे की जांच करेगी, ताकि जल्द से जल्द करीब 9 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी में शामिल अपराधियों व सरगना तक पहुंचा जा सके।

एक अक्टूबर को बनीपार्क थाने में दर्ज करवाया गया था मुकदमा

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (प्रथम) अजयपाल लाम्बा ने बताया कि जयपुर शहर के विभिन्न उप पंजीयक कार्यालयों में कूट रचित ई-चालान के जरिये विक्रय पत्र पंजीयन करवाकर सरकार को करोड़ों रूपयों की राजस्व हानि पहुँचाने के संबंध में पुलिस थाना बनीपार्क, जयपुर (पश्चिम) में 1 अक्टूबर 2021 को एफआईआर नं. 134 / 2021 दर्ज करवाई गई थी।

पीड़ितों की शिकायतें मिलने के बाद एसआईटी गठित करनी पड़ी

कूट रचित ई-चालान के जरिये विक्रय पत्र पंजीयन होने की जानकारी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय के अधिकारियों को होने पर उन्होंने विक्रय पत्रों से संबंधित क्रेता पक्षों को नोटिस जारी कर राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के जमा करवाने के लिए सूचित किया तथा राशि जमा नहीं करवाने पर राशि वसूलने के लिए न्यायालय में प्रकरण पेश कर अभियोजन की कार्रवाई करने के लिए कहा।

चूंकि क्रेता पक्षों ने डीड राईटर द्वारा बनाकर दिये गये ई-चालान की सम्पूर्ण राशि नकद व बैंक ट्रांसफर के जरिये डीड राईटरों को अदा कर दी गई थी, इसलिए उन्होंने बनीपार्क थाने में अपने साथ हुई ठगी का केस दर्ज करवाया।

इस केस में पहले बनीपार्क थानाप्रभारी द्वारा अनुसंधान किया जा रहा था। लेकिन विभिन्न पीडितों द्वारा प्रस्तुत की गई शिकायतों का अवलोकन करने पर डीड राईटर, ई-मित्र संचालकों व इनके अन्य सहयोगियों द्वारा पीड़ितों से सम्पूर्ण राशि प्राप्त कर फर्जी ई-चालान बनाकर देने व करोड़ों रूपये की धोखाधड़ी करने की घटना सामने आया। इस पर एसआईटी गठित करने का निर्णय लिया गया।

विभिन्न रजिस्ट्रार कार्यालयों से रिकॉर्ड खंगालेंगी एसआईटी
संबंधित सब-रजिस्ट्रार द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी विक्रय पत्र पंजीयन कराने वाले क्रेता पक्षों द्वारा राशि जमा नहीं कराने के संबंध में सब-रजिस्ट्रार द्वितीय, पंचम व दशम जयपुर ने भी बनीपार्क थाने में संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए शिकायतें दर्ज करवाई गई थी। जिनकी भी जांच की जा रही है। इस घटना से संबंधित अपराधियों को चिन्हित किये जाने हेतु विभिन्न सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, डीआईजी स्टाम्प कार्यालय व ट्रेजरी ऑफिस से मूल रिकॉर्ड प्राप्त किया जा रहा है।

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