पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Market Watch
  • SENSEX61765.590.75 %
  • NIFTY18477.050.76 %
  • GOLD(MCX 10 GM)47184-1.49 %
  • SILVER(MCX 1 KG)62935-0.03 %

प्रशासन शहरों के संग अभियान:पीआरएन में 70 कॉलोनियों में विवाद, 11 हजार लोग फिर रह जाएंगे बे-पट्‌टा

जयपुरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कैंप नहीं लगने से 15,338 भूखंडधारियों काे पट्टे नहीं मिले। - Money Bhaskar
कैंप नहीं लगने से 15,338 भूखंडधारियों काे पट्टे नहीं मिले।
  • पट्‌टे के नियमन व विकास शुल्क में छूट नहीं मिलेगी

पृथ्वीराज नगर का नियमन होने के बाद अब लोगों को इंतजार हैं, स्थाई पट्टा मिलने का। जेडीए ने भी प्रशासन शहरों के संग अभियान में हर मकान मालिक को पट्टा देने की तैयारी कर ली है। पृथ्वीराज नगर की कुल 736 योजनाओं में से 545 में पट्टे दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद 31 हजार भूखंडधारियों को और पट्टे का इंतजार हैं।

उधर, पृथ्वीराज नगर की करीब 70 कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनमें या तो विवाद हैं अथवा चरागाह व मंदिर माफी की जमीन पर बसाई गई हैं, जिसमें से 50 कॉलोनियों के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजर रही हैं, जिसकी वजह से निर्माण की अनुमति व पट्टा दिए जाने पर जेडीए को विचार करना है।

ऐसे में जेडीए प्रशासन शहराें के संग अभियान के बावजूद करीब 20 हजार से ज्यादा पट्टे जारी नहीं कर पाएगा और 11 हजार लोग फिर से पट्टा लेने से वंचित रह जाएंगे। यही नहीं, पट्टे के नियमन और विकास शुल्क में काेई छूट नहीं मिलेगी। तय दराें के अनुसार ही शुल्क जमा करवाना होगा, सिर्फ पेनल्टी व ब्याज दर पर छूट दी जा रही है।

191 कॉलोनियों के निवासियों को है पट्टों का इंतजार
पीआरएन में 736 याेजनाओं का रिकार्ड जमा है, इनमें ज्यादातर का नियमन कर 41 हजार पट्टे दिए जा चुके हैं, लेकिन पीआरएन-उत्तर, पीआरएन-दक्षिण में 446 काॅलाेनियां ऐसी हैं जिनका नियमन ताे हाे चुका है, लेकिन कैंप नहीं लगने से 15,338 भूखंडधारियों काे पट्टे नहीं मिले। इसके अलावा 188 सोसायटियों की ऐसी है, जिनमें 16,443 पट्टे मिलना बाकी है। ऐसे में शेष बची 191 कॉलोनियों को पट्टे का इंतजार है।

कहां-कितनी काॅलाेनियाें काे है पट्टे का इंतजार

पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड ही हाई टेंशन लाइनों को हटाने व लगाने के संबंध में नियम बनाता है। उसने 132 केवी के नीचे 105 फीट और 220 केवी नीचे 120 फीट चौड़ाई छोड़ने का प्रावधान रखा हुआ हैं। यह पूरे जयपुर की समस्या हैं और सांसदों को दखल देनी चाहिए। ताकि केंद्र सरकार से राहत मिल सके। तभी सभी लोगों को पट्टा मिल सकेगा।
- एडवोकेट घनश्याम सिंह, अध्यक्ष, पृथ्वीराज नगर जन अधिकार संघर्ष समिति

खबरें और भी हैं...