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फर्जी इंस्पेक्टर बनकर ठगने वाला गिरफ्तार:15 लाख रुपए का किराना खरीदने के चक्कर में पकड़ा गया, IAS-IPS अफसरों की मुहर लेकर घूमता था

जयपुरएक महीने पहले
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जयपुर में पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर ठगी करने वाला शातिर अंतरराज्यीय ठग राहुल शेखावत गिरफ्तार।

जयपुर में झोटवाड़ा थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर किस्म के अंतरराज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहनकर ठगी की वारदात करता है। वर्दी का रौब दिखाकर सामान हड़प लेता था। फिर फरार हो जाता है। आरोपी के पास से आईएएस और आईपीएस की 14 मुहर बरामद की गई है।

जयपुर में भी खुद को रिजर्व पुलिस लाइन में इंस्पेक्टर बताकर करीब 15 लाख रुपए का किराने का सामान खरीदने का प्रयास किया। व्यापारी की सूझबूझ से वह पुलिस की गिरफ्त में आ गया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेशकर रिमांड लिया गया। शातिर ठग के खिलाफ राजस्थान के अलावा पंजाब, हरियाणा में धोखाधड़ी के 21 मुकदमे दर्ज हैं।

अब असली पुलिस की गिरफ्त में नकली पुलिस इंस्पेक्टर राहुल शेखावत (पीली टीशर्ट में)
अब असली पुलिस की गिरफ्त में नकली पुलिस इंस्पेक्टर राहुल शेखावत (पीली टीशर्ट में)

11 आईएएस, आईपीएस की 14 सील मोहर बरामद

डीसीपी (पश्चिम) ऋचा तोमर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कालुराम उर्फ राहुल शेखावत (35) निवासी 1 एसकेएम, पुलिस थाना रावला जिला श्रीगंगानगर है। राहुल शेखावत के कब्जे से पुलिस की चार वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड (एसीबी इंस्पेक्टर राजस्थान, पुलिस इंस्पेक्टर, आबकारी इंस्पेक्टर) बरामद हुई है। इसके अलावा 11 पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों (IAS-IPS) की 14 सील मोहर जब्त की गई है।

इनमें सचिव राजभवन, एनआईए जयपुर राजस्थान, अतिरिक्त महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो जोधपुर, अतिरिक्त महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्युरो जयपुर, आयुक्त राजस्थान आबकारी विभाग उदयपुर, उपायुक्त राजस्थान आबकारी विभाग उदयपुर, पुलिस अधीक्षक बाड़मेर, आयुक्त राजस्थान पुलिस जयपुर, जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर शहर की सील मोहर हैं। उसके कमरे से ये सारी चीजें बरामद हुई हैं। राहुल लोगों को भर्ती के नाम पर फर्जी कागजात बना कर लोगों के साथ ठगी करने में इसी मोहर को इस्तेमाल करता था। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन व दो लग्जरी कार भी बरामद हुई है।

पकड़े जाने पर देने लगा धमकी
झोटवाड़ा थाना प्रभारी घनश्याम सिंह ने बताया कि किराना व्यापारी मनीष रावत ने रविवार को केस दर्ज करवाया था। बताया था कि वह इंस्पेक्टर 17 अक्टूबर को ही माल की डिलीवरी लेने आएगा। पुलिस ने राहुल शेखावत को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जब राहुल शेखावत पुलिस की वर्दी पहनकर डिपार्टमेंटल स्टोर पर सामान की डिलीवरी लेने पहुंचा। तभी स्पेशल टीम के कॉन्स्टेबल बलराम व मालीराम ने राहुल को धर दबोचा। उसने दोनों पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ते हुए कहा कि वह एसीबी में पुलिस इंस्पेक्टर है। शातिर ठग ने धमकाते हुए यह भी कहा कि तुम मुझे जानते नहीं हो। उसे झोटवाड़ा थाने ले जाया गया।

एक दिन अचानक वर्दी पहनकर आया

पुलिस के मुताबिक, किराना व्यवसायी मनीष रावत ने रिपोर्ट में बताया है कि उनकी झोटवाड़ा में कमानी रोड पर डिपार्टमेंटल शॉप है। उनकी दुकान पर पिछले करीब तीन-चार महीने से एक ग्राहक सामान खरीदने आ रहा था। वह उनके यहां बिल्कुल नया ग्राहक था। उसने तीन-चार महीनों में अपने बारे में कुछ नहीं बताया। वही ग्राहक अचानक 14 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे पुलिस की वर्दी में खरीदारी करने मनीष रावत की दुकान पर पहुंचा।

ठग ने तीन स्टार वाली पुलिस इंस्पेक्टर की वर्दी पहन रखी थी। उसकी नेम प्लेट पर राहुल शेखावत लिखा हुआ था। अचानक युवक को वर्दी में देखकर व्यवसायी मनीष रावत भी चौंक गए। बातचीत में पुलिस इंस्पेक्टर बने ठग ने मनीष रावत को बताया कि वह पुलिस लाइन चांदपोल का इंचार्ज हैं। पुलिस लाइन की मेस के लिए अब हम आपसे ही सामान लेना चाहते हैं। हम पहले चांदपोल से सामान लेते थे, लेकिन उससे बिगाड़ हो गया है।

तीन पुलिस लाइन के लिए मांगा राशन

पीड़ित के मुताबिक पुलिस इंस्पेक्टर बने राहुल शेखावत ने बताया कि 15 दिन में करीब 25 क्विटंल आटा व इसी के हिसाब से अन्य राशन की डिमांड रहेगी। पुलिस लाइन मेस में हर रोज 5000 जवान खाना खाते हैं। उसने बताया कि पुलिस लाइन चांदपोल, पुलिस लाइन जलमहल के सामने व राजमहल के लिए राशन चाहिए। राशन डिलीवरी के लिए वह खुद गाड़ी लेकर आएगा।

कमिश्नर के नाम की मुहर

डिलीवरी के तीन दिन बाद पेमेंट चेक से करेगा। ठग ने यह भी कहा कि वह 15 अक्टूबर को 500 रुपए के स्टाम्प पर एग्रीमेंट करेगा। राशन की लिस्ट तभी देगा। वह 15 अक्टूबर को दुकान पर आया। उसने मनीष रावत को तीन लेटर सौंपे। साथ राशन की सूची लगी हुई थी। वह देकर चला गया। ये तीनों लेटर, कार्यालय रिजर्व पुलिस लाइन, चांदपोल के नाम से बने थे। इसके नीचे जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर शहर की सील लगी हुई थी। तब 17 को डिलीवरी लेने देर शाम को आया तब पकड़ा गया।

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