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कुंभलगढ़ में बीजेपी का चिंतन शिविर आज से:चार साल बाद बीजेपी का चिंतन, अब तक के कामकाज का रिव्यू और 2023 के विधानसभा चुनाव का राेडमैप हाेगा तैयार

जयपुरएक महीने पहले
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चिंतन शिविर में दो दिन तक बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी अलग-अलग सत्रों में विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाएंगे।  - Money Bhaskar
चिंतन शिविर में दो दिन तक बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी अलग-अलग सत्रों में विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाएंगे। 
  • बूथ व मंडल तक कार्यकर्ताओं को वोटर से सीधा जोड़ा जाएगा

बीजेपी ने 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए राजस्थान में रणनीतिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए उदयपुर के कुंभलगढ़ में मंगलवार से बीजेपी का दो दिवसीय चिंतन शिविर रखा गया है। चिंतन शिविर में दो दिन तक बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी अलग-अलग सत्रों में विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाएंगे।

शिविर का मुख्य फोकस संगठन के कामकाज का रिव्यू, पिछले चुनाव परिणामाें का रिव्यू, विधानसभा चुनाव की प्रदेश स्तर से लेकर बूथ स्तर तक रणनीति बनाने का है। गाैरतलब है कि इससे पहले जयपुर में 2017 में चिंतन शुरू हुअा था। बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के नेतृत्व में चिंतन शिविर में राजस्थान बीजेपी के संगठन से जुड़े कामकाज की समीक्षा के साथ आगे का रोडमैप बनाएंगे।

इस रोडमैप के आधार पर पार्टी काम करेगी। इस चिंतन शिविर के जरिए पार्टी सबसे निचले स्तर तक मजबूती देने की याेजना के तहत काम कर रही है। संगठन को और सक्रिय बनाने की याेजना के तहत बीजेपी का फोकस बूथ से लेकर मंडल की यूनिट तक कार्यकर्ताओं का वोटर से सीधे जुड़ाव पर है।

दूसरे राज्याें का मॉडल भी अपनाने पर विचार
विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने इस बार गुजरात मॉडल को मजबूती से लागू करने का फैसला दिया है। इस मॉडल के तहत बूथ लेवल पर 20 से 25 वोटर पर एक कार्यकर्ता को जिम्मेदारी दी जाती है। चिंतन में इस मॉडल पर अब तक हुए काम के रिव्यू के साथ इसे आगे लागू करने के रोडमैप पर बात होगी। मुख्य फोकस चुनाव मैनेजमेंट के इर्दगिर्द रहेगा।

चिंतन शिविर में हम भविष्य की कार्ययोजना बनाएंगे। मिशन 2023 पर हमारा फोकस है। हम संगठन को नीचे तक कैसे और मजबूत करें इस पर चर्चा होगी। पार्टी की सक्रियता बढ़ाने को लेकर भी चर्चा होगी। साथ ही प्रदेश के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बात रखेंगे।
-सतीश पूनियां, प्रदेशाध्यक्ष, बीजेपी

चिंतन के बाद कोर कमेटी की बैठक
दो दिन के चिंतन शिविर के आखिर में बीजेपी कोर कमेटी की बैठक होगी। कोर कमेटी की बैठक में मौजूदा सियासी माहौल पर चर्चा के साथ बीजेपी के अंदरूनी मतभेदों पर चर्चा हो सकती है। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री नेताओं को इस मामले में नसीहत दे सकते हैं। पार्टी में खेमेबंदी को लेकर पहले से ही मुद्दा गर्माया हुआ है। चिंतन बैठक में बीजेपी नेताओं की आपसी खींचतान का मुद्दा भी उठना तय है।

चिंतन के लिए उदयपुर संभाग ही क्याें

  • चिंतन शिविर पहले जयपुर में हुआ था लेकिन अब उदयपुर संभाग में हाेने जा रहा है। माना जा रहा है कि उदयपुर संभाग में वल्लभनगर और धरियावद विधानसभा का उप चुनाव भी इसमें एक प्रमुख कारण हाे सकता है।
  • आरएसएस के सरसंघचालक माेहन भागवत ने भी उदयपुर संभाग में ही कैंप किया है। माना जाता है कि महाराणा प्रताप की पवित्र भूमि काे संघ के बाद अब बीजेपी ने समान दृष्टि से देखते हुए कैंप कराया है। इस क्षेत्र में धर्मान्तरण, आदिवासियाें से जुड़े मुद्दे आदि बातें चर्चा में रहती है। उधर राजनीतिक लिहाज से जिस भी पार्टी की सरकार बनती है। उसकी शुरूआत मेवाड़ से हाेती है।
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