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कर्ज पर शंका दर्ज:जीडीपी में 18.4% का उछाल दिखा 3 साल में राजस्थान ने लिया 1.25 लाख करोड़ का कर्ज

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: सौरभ भट्‌ट
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केंद्र का प्रदेश को भी पत्र - भारी लोन उठाने को जीडीपी बढ़ाकर दिखा रहे राज्य, अगली सरकारों को झेलनी पड़ती है मुसीबत, आंकड़े गलत हुए तो संबंधित आईएएस अधिकारियों पर होगी कार्रवाई - Money Bhaskar
केंद्र का प्रदेश को भी पत्र - भारी लोन उठाने को जीडीपी बढ़ाकर दिखा रहे राज्य, अगली सरकारों को झेलनी पड़ती है मुसीबत, आंकड़े गलत हुए तो संबंधित आईएएस अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

राजस्थान सरकार ने जीडीपी में 18.4% का उछाल दिखाया और 3 साल में 1.25 लाख करोड़ का कर्ज उठाया है। लेकिन ओल्ड पेंशन स्कीम के बाद अब सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों को लेकर भी केंद्र-राज्य सरकार के बीच टकराव के आसार हैं। क्योंकि केंद्र को आशंका है कि ज्यादा से ज्यादा कर्ज लेने के लिए राज्य सरकारें जीडीपी बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रही हैं। वित्त मंत्रालय के निर्देश पर केंद्रीय कार्मिक विभाग ने सभी राज्यों को चिट्ठी भेजकर उक्त संदेह जताया है। साथ ही चेताया है कि ऐसे मामलों में अब संबंधित आईएएस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जीडीपी बढ़े तो यह फायदा
राज्य सरकारें अपना खर्च चलाने के लिए बाहरी संस्थाओं से कर्ज लेती हैं। यह कर्ज केंद्र सरकार की गारंटी पर होता है। केंद्र सरकार के एफआरबीएम एक्ट के मुताबिक राज्य सरकारें जीडीपी का 4 प्रतिशत तक कर्ज ले सकती हैं। जीडीपी बढ़ती है तो राज्यों के कर्ज लेने की सीमा भी बढ़ जाती है।

जीडीपी
जीडीपी

केंद्र की सख्ती: अब जीडीपी ज्यादा दिखाई तो...संबंधित आईएएस अफसर ट्रेनिंग पर विदेश नहीं जा सकेंगे, इन अफसरों को डेपुटेशन भी नहीं मिलेगा
केंद्र ने राज्यों को भेजे पत्र में लिखा है- जीडीपी के ज्यादा आंकड़े दिखाकर राज्य सरकारें बाजार से भारी उधार ले रही हैं। जब सरकारें बदलती हैं तो नई सरकारों को फंड की कटौती झेलनी पड़ती है। अब वित्त मंत्रालय के समक्ष ऐसे मामले आए तो संबंधित अधिकारी का नाम और तथ्यों की सूची केंद्रीय कार्मिक विभाग काे भेजी जाएगी। ऐसे अधिकारी को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजने पर रोक लगेगी। केंद्र में उसकी प्रतिनियुक्ति और इंटर कॉडर डेपुटेशन भी नहीं मिलेगा।

फर्जी यूसी पर भी केंद्र ने 5 राज्यों को चेताया था
मार्च 2022 में केंद्र ने राजस्थान समेत 5 राज्यों को सीएसएस योजनाओं में फर्जी यूसी जारी करने के संबंध में चेतावनी दी थी। खास तौर पर करौली में पीएम आवास योजना काे लेकर काम पूरा हुए बिना ही फंड की यूसी जारी करने को लेकर केंद्र ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

उपनेता प्रतिपक्ष ने कहा था- ऐसा क्या कमाल किया
राज्य सरकार ने बजट सत्र में जीडीपी के आंकड़े पेश किए तो उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पूछा था- कोरोना की छाया रहते ऐसा क्या कमाल किया कि जीडीपी 3 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए तीन गुना बढ़ गई। सरकार फर्जी आंकड़ों से राज्य को आर्थिक आपातकाल में धकेल रही है।

प्रदेश पर 1.25 लाख करोड़ का कर्ज बढ़ा
गहलोत सरकार ने सत्ता संभाली तब 2,36,796.74 करोड़ का कर्ज था। तीन साल में बढ़कर 3,62,377.27 करोड़ रुपए हो गया। यानी प्रदेश पर 3 साल में 1.25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज बढ़ा।

केंद्र को राज्यों पर संदेह इसलिए हुआ
कोरोना में अर्थव्यवस्था बिगड़ी, राजस्व पर असर पड़ा, फिर जीडीपी इतनी कैसे? हालांकि तर्क था कि कोरोना में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई इसलिए बढ़ोतरी ज्यादा दिख रही है। आर्थिक संकट के चलते राजस्थान को भी पिछले साल वेज एंड मीन्स एडवांस लेना पड़ा था। आर्थिक सांख्यिकी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में राजस्थान वित्तीय स्थिति के मामले में देश में 23वें स्थान पर था।

कोरोना में जीडीपी की वी शेप रिकवरी
बजट सत्र में सरकार ने आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट में वी शेप रिकवरी दिखाई। हालांकि सांख्यिकी विभाग के निदेशक ओपी बैरवा का कहना है कि वी शेप रिकवरी सामान्य बात है। प्रदेश में 2021-22 में जीडीपी 11,96,137 करोड़ बताई गई। 2022-23 में प्रोजेक्शन 13,34,420 करोड़ रुपए रखा गया है। यानी 18% ग्रोथ रेट बताई जा रही है। करोना में वित्त वर्ष 2020-21 के मुकाबले 2021-22 में राजस्थान की जीडीपी में रिकॉर्ड 77,899 करोड़ रुपए (18.4%) की बढ़ोतरी बताई गई। जबकि प्रचलित मूल्यों पर जीडीपी की औसत वृद्धि दर 9.51% रही है। साथ ही डीडीपी के योगदान देने वाले कृषि सेक्टर 2020-21 के मुकाबले 2021-22 में 1.6% गिरावट दर्ज की गई। उद्योग में 1.08% और सर्विस सेक्टर में 0.52% की वृद्धि दर्ज की गई।