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मेहंदीपुर बालाजी के व्यापारियों में रोष:बिजली बिल वसूली बंद कर मंदिर खोलने की मांग, मंत्री व कलेक्टर से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल, ऐसा नहीं होने पर धरना देंगे व्यापारी

मेहंदीपुर बालाजी5 महीने पहले
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मेहंदीपुर बालाजी में मंदिर बंद को लेकर अब स्थानीय लोगो का सब्र का बांध टूटता जा रहा है। इस दौरान व्यापारियों ने धरने पर बैठने का मन बना लिया है। गौरतलब है कि बुधवार को स्थानीय व्यापारियों ने छपरिया धर्मशाला में व्यापार मंडल की बैठक बुलाई, जिसमें मंदिर बंद को लेकर होने वाली परेशानियों को लेकर चर्चा की गई।

इस दौरान बैठक में मौजूद कुछ लोगों ने महिला एवं बाल विकास मंत्री ममता भूपेश को पिछले दिनों मंदिर खुलवाने के लिए दिए ज्ञापन के बारे में बात करने को लेकर कई फोन किये तो मंत्री ने फोन नहीं उठाया। जिसे लेकर कस्बेवासियों ने नाराजगी जाहिर की। व्यापारियों ने बताया कि जिला प्रशासन हमारी परेशानियों को नहीं समझ रहा है। मंदिर बंद होने से हमारी आजीविका खत्म हो गई है, ऊपर से बिजली विभाग हमें कनेक्शन काटने के नाम पर परेशान कर रहा है। जब हमारी आजीविका ही बंद है तो जरूरी खर्चा कहा से वहन करें। व्यापारी गोपाल सिंह ने बताया कि लिस्ट में नाम लिख कर एक प्रतिनिधिमंडल बनाएंगे। जो कलेक्टर साहब के यहां जाएगा और मंदिर खुलवाने को लेकर उनसे बात करेंगे। मंत्री भूपेश से मिलकर पिछले दिनों मंदिर खुलवाने के दिए आश्वाशन को लेकर भी बात करेंगे।

11 जनवरी से बंद है मंदिर

व्यापारियों ने बताया कि मंत्री ने अगर हमारी मांग पूरी नहीं की तो सभी लोग धरने पर बैठेंगे। और कहा कि जब करौली जिले में कैला देवी मदन मोहन जी श्री महावीर जी के मंदिर खुले हुए हैं तो जिले की सीमा पर स्थित मेहंदीपुर बालाजी मंदिर बंद क्यों है। दरअसल जिला प्रशासन ने गत 11 जनवरी को कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट को बंद करने का निर्देश दिया था।इस दौरान मंदिर ट्रस्ट ने जनहित में फैसला लेते हुए मंदिर बंद करने का निर्णय लिया। तभी से बालाजी कस्बे सहित आसपास के गांव में रहने वाले हजारों लोगों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।

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