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चित्तौड़ में किस्त लेकर भी बेच दी बाइक:लॉकडाउन में नहीं चुका पाया 2 किस्त, बदले में फाइनेंस वालों ने 8 हजार रुपए अधिक ले लिए

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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मांगीलाल बैरवा ने मामला दर्ज करवाया है। रिपोर्ट में बताया कि उसने 2019 में एक बाइक फाइनेंस पर खरीदी थी। बाइक की 24 किस्तें देनी थीं और हर महीने 2290 रुपए देने थे। लॉकडाउन लगने से पहले केवल दो क़िस्त बाकी रह गईं। 12 मई को फाइनेंस कंपनी में काम करने वाला देवराज वैष्णव अपने एक साथी के साथ अमरचंद के घर गया और मोटरसाइकिल की किस्त जमा करने की बात कही।

इस पर अमरचंद ने पत्नी के गहने गिरवी रख 3000 रुपए लेकर घर आया तब तक देवराज मोटरसाइकिल उठाकर ले जा चुका था। देवराज ने अपना नंबर देते हुए कहा कि इस नंबर पर ऑनलाइन पैसे जमा कर दें। अमरचंद ने उसके खाते में 3000 रुपए जमा करा दिए। उसके बाद अचानक वापस देवराज ने फोन कर खाते में 5200 रुपए जमा करने की बात कही, जिस पर अमरचंद में 20 मई को 5200 भी जमा करवा दिए। उसके बाद देवराज वैष्णव ने अमरचंद को चित्तौड़गढ़ बुलाया।

अमरचंद अपने दोस्त कालू पुत्र रतन लाल खटीक के साथ 2 जून को चित्तौड़गढ़ पहुंचा, वहां पर भी देवराज ने 4580 रुपये मांगे जो अमरचंद ने दे दिए। उसके बाद अमरचंद और कालू खटीक से देवराज के बताने पर सेंती की तरफ गए लेकिन वहां बाइक नहीं मिली। देवराज वैष्णव ने धोखे देकर सारे किस्तों के अलावा एक्स्ट्रा रुपए लेकर मोटरसाइकिल किसी और व्यक्ति को बेच दी थी। थानाधिकारी गणपत सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। देवराज वैष्णव के अकाउंट की डिटेल निकाली जा रही है और उससे पूछताछ भी की जाएगी।