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चित्तौड़ रेलवे स्टेशन पर एस्कलेटर का काम अधर में:कोरोना काल से अब तक फुटफॉल कम, सांसद ने रेल मंत्री से मिलकर फिर रखा प्रस्ताव

चित्तौड़गढ़एक महीने पहले
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चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन में पिछले 6 सालों में कई विकास कार्य किए गए। यहां जंक्शन में अब भी कार्य किए जाने हैं, लेकिन फुटफॉल कम होने के कारण रेलवे स्टेशन में एस्केलेटर का काम अटक गया है। कोविड के बाद कई ट्रेनों का संचालन अभी भी होना बाकी है और ना ही लोगों का पहले जैसा आना जाना बढ़ा है। वहीं, सांसद सीपी जोशी ने रेल मंत्री से मिलकर एस्केलेटर का प्रस्ताव फिर से भेजा।

चित्तौड़गढ़ शहर कई ऐतिहासिक चीजों से जुड़ा है। यहां विश्व विख्यात दुर्ग के अलावा आसपास कई पर्यटक स्थल हैं। यहां देश-विदेश से कई पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। इसके लिए रेलवे एक बहुत बड़ा सुलभ साधन है। चित्तौड़गढ़ लम्बे समय से जंक्शन के रूप में पहचान रखता है। इसका कारण यह है कि मेवाड़ में यह स्टेशन सेंटर में होकर देश के कई बड़े शहरों में रेलमार्ग है। ऐसे में यहां ट्रेनों की आवाजाही लगी रहती है। इसे 'ए' श्रेणी का भी दर्जा दिया गया। चित्तौड़गढ़ जंक्शन को 'ए' श्रेणी में लेने के बाद साल 2017 से विकास कार्य शुरू किए गए। साल 2017 में चित्तौड़गढ़ स्टेशन पर एस्केलेटर, लिफ्ट, फुटओवर ब्रिज, पश्चिम द्वार पर नई विंडो और प्रवेश द्वार का काम शुरू हुआ था, लेकिन 2020 में कोविड ने सभी काम को रोक दिया।

फुटफॉल का हवाला, काम अटका

यहां स्टेशन पर लिफ्ट और अन्य कई कार्य पूरे हो चुके हैं और यात्रियों के लिए खोल भी दिए गए। यहां सीढ़ियों को तोड़ कर एस्केलेटर के अनुरूप में द्वारा बनाया गया, लेकिन फुटफॉल का हवाला देकर काम को अटका दिया गया। रेलवे की तरफ से जितना फुटफॉल तय किया गया था, उसका अब 20 प्रतिशत भी फुटफॉल स्टेशन पर नहीं रहा जबकि चित्तौड़ में देश-विदेश से भी पर्यटकों का आना जाना है। इसी साल फिर से पैलेस ऑन व्हील्स के भी संचालन की पूरी उम्मीद है। ऐसे में रेलवे विभाग को फुटफॉल को नजरअंदाज कर अटके हुए काम को स्वीकृति दे देनी चाहिए।

सांसद ने एक बार फिर रखा एस्केलेटर का प्रस्ताव

कोरोना काल से पहले स्टेशन से 36 जोड़ियां ट्रेन संचालित होती थीं जबकि कोविड के बाद साल 2022 में अब 27 जोड़ियां ट्रेन ही संचालित हो रही हैं। लोगों को अब बाकी गाड़ियों के चलने का इन्तेजार है। दो एस्केलेटर के लिए भी दो करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया था। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए सांसद सीपी जोशी ने हाल ही एक बार फिर रेल मंत्री से मिलकर प्रस्ताव को दुबारा रखा।

सालयात्रियों की संख्या (लाखों में)
2019-2020.41
2020-211.30
2021-20226.50
सालराजस्व आय (करोडों में)
2019-2023.47
2020-213.74
2021-2214.01

फुटफॉल की मांग 25000 हर दिन

सालफुटफॉल
कोविड से पहले12500
दिसंबर4000
दिसंबर के बाद5500 के करीब