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डेंगू से डॉक्टर की मौत:मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर की शुरूआती जांच पॉजिटिव होने के बाद भी नहीं माना डेंगू, धीरे धीरे बिगड़ी हेल्थ

बीकानेर6 महीने पहले
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डॉ. रविंद्र जांगिड़ - Money Bhaskar
डॉ. रविंद्र जांगिड़

बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के महज 35 साल के असिस्टेंट प्रोफेसर की डेंगू के कारण मौत हो गई। आश्चर्य की बात है कि खुद मेडिकल कॉलेज ने ही उन्हें डेंगू का मरीज नहीं माना। डॉक्टर की तबीयत धीरे धीरे खराब होती गई और उसकी मौत हो गई। इस मौत से पीबीएम अस्पताल के डॉक्टर्स और रेजीडेंट्स सदमें में है।

मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रविंद्र कुमार जांगिड़ को पिछले दिनों बुखार की शिकायत हुई। इस पर उसने डेंगू की प्रारम्भिक जांच NS1 करवाई। इसमें रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद पीबीएम अस्पताल में दूसरी जांच आईजीएम करवाई गई। ये जांच उन्हीं के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में की गई। जिसमें नेगेटिव रिपोर्ट आई। हालांकि अन्य डेंगू मरीजों की तरह डॉ. रविंद्र को भी डेंगू का इलाज ही दिया गया। इसके बाद भी उनकी तबियत बिगड़ती चली गई। पीबीएम अस्पताल से जयपुर के SMS अस्पताल के लिए रैफर किया गया। यहां से रवाना होने के बाद जयपुर रोड पर ही उनकी तबियत ज्यादा बिगड़ी तो वापस बीकानेर ले आए। इसके बाद एयर लिफ्ट करके मेदांता अस्पताल ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बीकानेर में ही ब्रेन डेथ हो चुकी थी।

सदमे में है डॉक्टर्स

इस युवा डॉक्टर की मृत्यु के बाद पीबीएम अस्पताल के जूनियर व सीनियर डॉक्टर्स सदमें में है। मेडिसिन विभाग के डॉ. बालकिशन गुप्ता, सीनियर डॉक्टर के.सी. नायक सहित रेजीडेंट्स ने भी शोक जताया।

ये उठ रहे सवाल

डेंगू से डॉक्टर की मृत्यु के बाद से पीबीएम अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर डेंगू का मरीज ठीक हो जाता है। सामान्य अस्पतालों में इलाज कराने वाले रोगी भी ठीक हो रहे हैं लेकिन पीबीएम अस्पताल में वहीं का डॉक्टर अपना जीवन नहीं बचा सका।

ये है डेंगू के टेस्ट

डेंगू के लक्षण मिलने पर आमतौर पर एंटीजन टेस्ट किया जाता है। जिसमें शुरूआती लक्षण में ही डेंगू की पुष्टि हो जाती है। इसके अलावा एलाइजा टेस्ट पर भरोसा किया जाता है और इसका परिणाम सही माना जाता है. इसमें भी दो तरह के टेस्ट होते हैं पहला आईजीएम और दूसरा आईजीजी. आईजीएम टेस्ट डेंगू के लक्षण आने से 3-5 दिन के अंदर-अंदर करवाना जरूरी है। वहीं, दूसरा टेस्ट आईजीजी भी 5 से 10 दिन के अंदर करवाना अनिवार्य है।

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