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दलित स्टूडेंट मर्डर मामले में बाड़मेर टीचरों का प्रदर्शन:कलेक्ट्रेट के आगे जमकर नारेबाजी, बोले- दोषी टीचर के खिलाफ करें सख्त कार्रवाई

बाड़मेर2 महीने पहले
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कलेक्ट्रेट परिसर में किया जमकर नारेबाजी। - Money Bhaskar
कलेक्ट्रेट परिसर में किया जमकर नारेबाजी।

जालोर जिले के सुराणा में स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट के साथ मारपीट करने से उसकी मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट के बाहर टीचर ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। पीड़ित के परिवार को आर्थिक मुआवजा, नौकरी देने के साथ दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। सीएम के नाम का ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया।

दरअसल, राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) के बैनर तले सोमवार को जालोर में दलित स्टूडेंट की मौत के मामले में शिक्षक महावीर पार्क में इकट्‌ठे हुए वहां से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट परिसर में आकर प्रदर्शन किया। मृतक इंद्र कुमार को न्याय देने और हत्यारों को फांसी देने के नारे लगाए और स्कूल की मान्यता रद्द करने की मांग की है। दोषी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

डॉ. राहुल बामणियां का कहना है कि जालोर प्राइवेट स्कूल के स्टूडेंट के साथ अमानवीय घटना हुई है। बच्चा 20 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा और आखिरकार उसने दम तोड़ दिया। आज देश 76 वां स्वतंत्रता दिवस बना रहे है। आज आजाद होने के बाद भी दलित लोगों के साथ इस तरह की अमानवीय घटना घटित होती है। आज भी लोगों की सोच में बदलाव नहीं आया है।

यह था मामला

आरोप है कि 20 जुलाई को जालोर जिले के सायला थाना क्षेत्र के सुराणा गांव में प्राइवेट स्कूल के हेड मास्टर छैल सिंह ने दलित स्टूडेंट इंद्र कुमार की पिटाई की थी। इंद्र की गलती बस इतनी थी कि उसने हेड मास्टर के लिए रखी मटकी से पानी पी लिया था। 9 साल के स्टूडेंट की दाहिनी आंख और कान पर अंदरुनी चोटें आईं। परिवार वाले उसे जालोर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल ले गए, जहां से उसे उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर में भी कुछ दिन इलाज चला। सुधार नहीं होने पर परिवार वाले उसको अहमदाबाद ले गए, जहां इलाज के दौरान 13 अगस्त को स्टूडेंट की मौत हो गई। इधर, पुलिस ने हेड मास्टर के खिलाफ मर्डर और एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।