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हरीश चौधरी बोले- ओबीसी आरक्षण महाभारत जैसा संघर्ष:कहा- आरक्षण में निर्णय नहीं होने तक संघर्ष रहेगा जारी

बाड़मेर2 महीने पहले
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पूर्व मंत्री एवं विधायक हरीश चौधरी - Money Bhaskar
पूर्व मंत्री एवं विधायक हरीश चौधरी

पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज और राजस्थान के बायतु से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने OBC आरक्षण की मांग को महाभारत जैसा बताया है। विधायक बोले की महाभारत में 5 गांव मांगे थे, लेकिन नहीं देने पर महाभारत हुई। देश की आधे से ज्यादा आबादी ओबीसी की है इसके बावजूद 21 फीसदी आरक्षण और उसमें शून्य पर लाकर भर्ती करोंगे तो 5 गांव नहीं देने और उसके अंदर अंतर क्या है।

दरअसल, साल 2018 में जारी आदेश को वापस लेने को लेकर बाड़मेर से मंत्री हेमाराम चौधरी, विधायक मेवाराम जैन, सहित कई विधायकों ने सीएम को पत्र लिखकर 2018 निर्णय को वापस लेने की मांग की है। पूर्व राजस्व मंत्री एवं बायतु विधायक हरीश चौधरी ने भास्कर से बात करते हुए कहा कि ओबीसी विसंगतियों में दो मुख्य पहलू है पहला तो 2018 में एक्स सर्विसमैन के संदर्भ में जो फैसला किया गया उसका विरोध है। आज भर्तियां में महिलाओं और एक्स सर्विसमैन के लिए अलग-अलग आरक्षण की व्यवस्था है। यह दो अलग-अलग व्यवस्था किसी भी भर्ती में होना जायज़ नहीं है। दूसरा रोस्टर नहीं बनना।

हरीश चौधरी बोले- ओबीसी आरक्षण महाभारत जैसा सघर्ष

चौधरी से आगे आंदोलन जारी रखने की बात पूछने पर कहा कि ओबीसी आरक्षण को लेकर हमारा संघर्ष जारी रहेगा और यह लंबा है। महाभारत के अंदर 5 गांव मांग थे। पांच गांव नहीं दिए उस पृष्ठभूमि के अंदर महाभारत हुई। आधी से ज्यादा आबादी को 21 फीसदी आरक्षण और वह भी आरक्षण शून्य के ऊपर लाकर भर्ती करोंगे तो 5 गांव नहीं देने और उसके अंदर अंतर क्या है।

सघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के साथ मिला कार्मिक व सीएमओ अधिकारियों से

चौधरी ने भास्कर से कहा कि कई स्तर पर सीएम से मिला हूं। बीते दिनों में सघर्ष समिति के सदस्यों प्रतिनिधि मंडल के साथ कार्मिक विभाग व सीएमओं के अधिकारियों से मिले है। अधिकारियों की जो भी क्वारिज थी उनको तथ्यों के साथ उनके सामने रखा है। दूसरे राज्यों व यूपीएससी के अंदर क्या हो रहा है। नियम कानून क्या कर रहे है। उसके संबंध में हमने अपनी बात रखी है। हमें विश्वास है कि दोनों पहलूओं पर सही निर्णय जल्दी से जल्दी होगा और जब तक निर्णय नहीं होगा तब हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

हरीश चौधरी बोले- 200 विधायकों से की है अपील

चौधरी ने कहा कि हमने राजस्थान के सभी विधायकों व सांसदों से राजनीतिक विचाराधारा से ऊपर उठकर ओबीसी विसंगतियों को लेकर सहयोग मांगा है। जिस तरीके से EWS सर्वसम्मति से पास किया गया था। उसी तर्ज पर ओबीसी विसंगतियों को लेकर सहयोग की मांग की है। काफी विधायकों व जनप्रतिनिधियों ने इसमें सहयोग भी किया है। चौधरी से 2018 निर्णय को वापस लेने में रुकावट कहा आ रही है इस सवाल के जवाब में बोले रुकावट कहीं नही आ रही है इसके अंदर एक शब्द जोड़ा जाए तो रुकावट कहीं नहीं है। यह एक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया जल्दी से जल्दी विभाग करें।

अब यह है मांग

भूतपूर्व सैनिकों के कोटे को आरक्षित वर्ग से काटना बंद करें या 2018 की पुरानी व्यवस्था लागू करें सरकार ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति राजस्थान की मांग है कि भूतपूर्व सैनिकों मैरिट कुल पदों पर बनाई जाती है, इसमें 36% बिना आरक्षित पदों में से काटा जाए। ओबीसी के मूल आरक्षण कोटे को सुरक्षित रखा जाए। 2018 से पूर्व की भांति भूतपूर्व सैनिकों का 12.5 % आरक्षित कोटा आरक्षित वर्ग के कोटे से काटा जाए। रोस्टर व्यवस्था को प्रभारी रूप से लागू करने, ओबीसी को जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण देने सहित कई मांगे शामिल है।