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पानी की टंकी में नहाने गए दोस्त डूबे:एक डूबने लगा तो दूसरा बचाने कूदा, दोनों की मौत

अलवरएक महीने पहले
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नितीन(शर्ट में) और सागर(जैकेट में दोनों अच्छे दोस्त थे। हमेशा साथ रहते थे। साेमवार को दोनों घर से साथ निकले थे। हादसे में दोनों की मौत हो चुकी है। अब अंतिम संस्कार भी दोनों का साथ  में होगा। - Money Bhaskar
नितीन(शर्ट में) और सागर(जैकेट में दोनों अच्छे दोस्त थे। हमेशा साथ रहते थे। साेमवार को दोनों घर से साथ निकले थे। हादसे में दोनों की मौत हो चुकी है। अब अंतिम संस्कार भी दोनों का साथ में होगा।

अलवर में सोमवार को नहाने गए दो दोस्त टंकी में डूब गए। शाम तक जब घर नहीं लौटे तो फोन किया। रिंग भी गई लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। चिंता में आए परिजन ढूंढने निकले तो गांव में बने श्मशान घाट के पास कपड़े दिखाई दिए। पास बनी टंकी में जाकर देखा तो दोनों के शव तैर रहे थे। परिजन निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।

घटना अलवर के कैमाला गांव की है। सोमवार को कैमला निवासी सागर (15) पुत्र गणेश कुमार और नितिन(16) पुत्र विनोद दोनों दोपहर करीब 12:30 बजे घर से निकले थे। इसके बाद श्मशान घाट के पास बनी पानी की टंकी में नहाने चले गए। बताया जा रहा है कि दो बजे के करीब सागर पानी की टंकी में नहाने उतरा था। इस दौरान सागर डूबने लगा तो नितिन बचाने के लिए टंकी में कूद गया। लेकिन, इस हादसे में दोनों डूब गए और मौत हो गई।

ये है पानी की टंकी। जिसमें दोनों दोस्त डूब गए।
ये है पानी की टंकी। जिसमें दोनों दोस्त डूब गए।

5 घंटे बाद पता चला दोनों डूब गए

दोनों के पिता मजदूरी करते हैं। सागर तीन बहन-भाई हैं। वहीं नितिन दो भाई हैं। नितिन 12वीं और सागर 11वीं का स्टूडेंट था। दोपहर 2 बजे के करीब यह घटना हुई थी। शाम तक दोनों नहीं लौटे तो नितिन के नंबर पर कॉल किया। जब कॉल रिसीव नहीं किया तो ढूंढने निकले। शाम करीब 7 बजे टंकी के पास पहुंचे तो बाहर सागर के कपड़े पड़े थे। इस पर टंकी में जाकर देखा तो दोनों के शव पड़े थे। इस दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों की मदद से दोनों को बाहर निकाला। बचाने का भी प्रयास किया लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम कर दोनों के शव परिजनों को सौंपे।

गांव में मृतक के घर कोहराम मच गया।
गांव में मृतक के घर कोहराम मच गया।

घर में कोहराम, गांव में मायूसी

इस घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। वहीं गांव में मायूसी छा गई। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों गरीब परिवार से थे। दोनों अच्छे दोस्त भी थे। हमेशा साथ रहते थे। अब उनकी आखिरी सांस भी साथ में निकली है। एक दोस्त ने दूसरे को बचाने के लिए जान दे दी। इस हादसे से गांव में शोक छाया हुआ है।

ये दोनों दोस्त हमेशा साथ ही रहते थे। दोनों के पिता मजदूरी करते हैं।
ये दोनों दोस्त हमेशा साथ ही रहते थे। दोनों के पिता मजदूरी करते हैं।