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जमीनी विवाद में चाचा के बेटों पर जानलेवा हमला:पीड़ित ने कहा - ताऊ के बेटों ने मेरे पिता के हिस्से की जमीन दबंगों को बेच दी

बहरोड़2 महीने पहले
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जमीनी विवाद में ताऊ के बेटों ने चाचा के बेटे पर जानलेवा हमला कर दिया। महिलाओं के साथ भी मारपीट की। घटना का एक वीडियो सामने आया है जो 19 जून का है। जिसमें हिस्से के खेत पर जुताई करने से रोकने पर चाचा के बेटे के साथ ताऊ के बेटे मारपीट करते है और उठाकर जमीन पर पटक देते है। वहीं उसकी पत्नी की पिटाई की जाती है। मामला है बहरोड़ के गांव रिवाली का।

पीड़ितों का आरोप है कि दोषियों के खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। विवाद एसडीएम कोर्ट में चल रहा है इसके बावजूद हिस्से की जमीन दबंगों को बेच दी। अब दबंग जमीन को खाली करवाने का रोज दबाव रहे हैं और आए दिन मारपीट करते हैं।

खेत में बुवाई के दौरान लाठियां लेकर खड़े लोग। हिस्से के खेत में बुवाई करने से रोकने मारपीट की गई।
खेत में बुवाई के दौरान लाठियां लेकर खड़े लोग। हिस्से के खेत में बुवाई करने से रोकने मारपीट की गई।

ये है जमीन का विवाद
बहरोड़ के गांव रिवाली निवासी हनुमान सिंह के पास कुल 29 बीघा जमीन थी। जिसमें 8 बीघा अलवर के पास गांव तूलेड़ा में और 21 बीघा गांव रिवाली में थी। उनके तीन बेटे थे। सबसे बड़ा मोहरसिंह, दूसरा महेश उर्फ मेहरचंद तथा तीसरा राजाराम। हनुमान सिंह ने गांव की जमीन से कुछ जमीन बेचकर तीनों बेटों के बीच जमीन का बंटवारा कर दिया।

अलवर की 8 बीघा जमीन महेश उर्फ मेहरसिंह को दे दी। गांव की करीब 18 बीघा जमीन दो बेटे मोहरसिंह और राजपाल को दे दी। वहीं 1995 में स्पष्ट वसीयत लिखवा दी। ताकि परिवार में किसी भी तरह का विवाद या लड़ाई नहीं हो। सबसे बड़े बेटे मोहर सिंह ने पिता की मौजूदगी में अपने हिस्से की जमीन बेच दी। बानसूर तहसील के गांव कानपुरा में रहने लगा।

पीड़ित ने बताया कि मेरे पिता राजपाल अपने हिस्से की जमीन अपने नाम नहीं करवा पाए और पिता का निधन हो गया। राजपाल के हिस्से की जमीन पिता के ही नाम बोल रही थी। ऐसे में राजपाल के हिस्से की जमीन तीनों भाईयों नाम चढ़ गई।

इस दौरान अलवर के तूलेड़ा में रह रहे एक बेटे महेश का निधन हो गया। उसके तीन बेटे सुबेसिंह, मुरारीलाल और अमर सिंह ने उस जमीन को दबंगों को बेच दी। राजपाल को जब इसका पता चला तो सदम में उसकी मौत हो गई। अब जिन लोगों ने जमीन खरीदी है वे जमीन पर कब्जा लेना चाहते हैं। लेकिन राजपाल के बेटे इसका विरोध कर रहे है। जमीन विवाद को लेकर अजमेर राजस्व मंडल से स्टे है वहीं एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है।

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