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पुलिस कारवाई:11 कराेड़ रुपए की प्रतिबंधित नशीली दवाएं सप्लाई करने वाली फर्म का मालिक शशि भारती गिरफ्तार

अजमेर2 महीने पहले
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प्रतिबंधित नशीली दवा तस्करी प्रकरण में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की अजमेर शाखा ने जयपुर की दवा फर्म रमैया एंटरप्राइजेज के मालिक शशि भारती काे गिरफ्तार कर लिया है। जून 2021 में मामला उजागर हाेने के बाद से आराेपी भारती फरार था। मामले की जांच कर रहे एसओजी अजमेर प्रभारी इंस्पेक्टर भूराराम खिलैरी के अनुसार तफ्तीश में सामने आया है कि अजमेर में नशीली दवा की खेप जयपुर की फर्म रमैया एंटरप्राइजेज से पहुंचाई गई थी।

काेराेना काल में करीब पचास कराेड़ रुपए से ज्यादा कीमत की प्रतिबंधित दवाओं की खेप उत्तरांचल से जयपुर, अजमेर, ग्वालियर, इंदाैर और नागालैंड के दीमापुर सहित अन्य शहराें में भेजी गई। दवाओं की सप्लाई उत्तरांचल की हिमालय मेडिटेक कंपनी ने की है। रमैया एंटरप्राइजेज के मालिक शशि भारती काे गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य सप्लायर हिमालय मेडिटेक कंपनी के जिम्मेदार लाेगाें की भी गिरफ्तारी इस मामले में की जाएगी।

तीन अलग-अलग मामलों में पुलिस ने की थी कार्रवाई

पुलिस ने तीन अलग अलग मामलों में गत 24 मई को रामगंज थाना क्षेत्र से साढ़े पांच करोड़ रुपए, 1 जून काे रामगंज थाना क्षेत्र से 2.5 करोड़ रुपए तथा इसी दिन अलवर गेट थाना क्षेत्र से तीन करोड़ रुपए सहित कुल 11 करोड़ रुपए की प्रतिबंधित नशीली दवाओं को जब्त कर मामले का खुलासा किया गया था। जांच में यह जगजाहिर हाे चुका था कि अजमेर में दवाओं के काले कारोबार का कर्ताधर्ता बीके काैल नगर निवासी श्यामसुंदर मूंदड़ा ही है, लंबी फरारी के बाद आखिर 11 जून काे पुलिस ने उसे मेड़ता से गिरफ्तार किया था। इस मामले में मुख्य आराेपी श्यामसुंदर मूंदड़ा, मोमिन शाह, कालूराम जाट, शेख साजिद, मुकेश टांक एवं कमल को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ 20 जुलाई काे काेर्ट में चालान पेश कर दिया गया है।

अब तक तीन जांच अधिकारी बदल चुके

यह मामला सबसे पहले रामगंज थाने में दर्ज हुआ था और थाना प्रभारी सत्येंद्र नेगी जांच कर रहे थे। एनडीपीएस एक्ट के मुताबिक ड्रग्स संबंधी मामला जिस थाने में दर्ज हाेता है वह जांच नहीं करता। जांच किसी दूसरे थाना प्रभारी काे साैंपी जाती है। इस मामले की जांच क्लाॅक टावर थाना प्रभारी दिनेश कुमावत काे साैंपी गई। लेकिन एक दिन बाद जांच दिनेश कुमावत से लेकर डीएसपी मुकेश साेनी काे साैंप दी।

इस मामले में रामगंज थाने में दाे और अलवर गेट थाने में एक प्रकरण दर्ज हुआ था। तीनाें जगह से करीब 11 कराेड़ रुपए कीमत की प्रतिबंधित दवाएं बरामद की गई थी। सीओ साेनी इस मामले में दर्ज तीन प्रकरणाें की फाइलाें की जांच कर रहे थे। पुलिस मुख्यालय के आदेश से जांच 14 जुलाई काे एसओजी काे साैंपी गई। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर भूराराम खिलैरी प्रकरण में पड़ताल कर रहे हैं।

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