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लंपी स्किन डिजीज:लंपी स्किन से पशुओं को बचाने को समाजसेवी व शहरवासी आए आगे

संगरूर2 महीने पहले
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संगरूर में बेसहारा पशुओं पर स्प्रे करते गो धाम के सदस्य। - Money Bhaskar
संगरूर में बेसहारा पशुओं पर स्प्रे करते गो धाम के सदस्य।

लंपी स्किन डिजीज से गोवंश को बचाने के लिए पशुपालन विभाग के साथ-साथ शहर की समाजसेवी संस्थाएं व नौजवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। जिले भर में समाज सेवी संस्थाएं व नौजवान दिन रात बीमार पशुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। नौजवान पशुओं को चारा खिलाने के साथ-साथ उनका देसी व अंग्रेजी इलाज भी कर रहे है। अच्छी खुराक देकर बीमार पशुओं की इम्युनिटी बढ़ाई जा रही है।

वहीं, मक्खी मच्छर से पशुओं को बचाने के लिए दवाओं का स्प्रे किया जा रहा है। संगरूर में गौ धाम, लहरागागा में बेसहारा जीव जंतु वेलफेयर सोसायटी, धूरी में स्टैप अप सोसायटी और गौ धाम चैरिटेबल ट्रस्ट धूरी, भवानीगढ़ के गांव घनौड़ जट्टा के नौजवानों के समूह व सुनाम में शहर के युवा दिन रात पशुओं की सेवा में लगे है। संगरूर गौ धाम के प्रधान नरेश कुमार ने कहा कि वह पशुओं को होम्योपैथिक मेडिसन देने के साथ-साथ स्प्रे भी कर रहे हैं। अब तक गाे धाम में 435, बीड़ में 1 हजार व संगरूर शहर में सड़कों पर घूम रहे 700 लावारिस पशुओं को होमियोपैथिक दवा देने के साथ साथ स्पे्र भी किया जा चुका है।

लोगों द्वारा उन्हें बीमार पशुओं की जानकारी दी जाती है। जिसके बाद पशुओं को गौ धाम में लाकर उनका इलाज किया जाता है। पिछले एक सप्ताह में 18 पशुओं को गौधाम में लाया गया है। जिनमें से 14 पूरी तरह से ठीक भी हो चुके है। स्प्रे रात को 9 बजे से लेकर 12 बजे तक की जाती है। बेसहारा जीव जंतु वेलफेयर सोसायटी लहरागागा के प्रधान आरके बांसल ने बताया कि उन्होंने 10 साल पहले सोसायटी का गठन किया था। लंपी स्किन बीमारी चलने के बाद वह अपने साथियों सहित बीमारी से पीडि़त पशुओं का इलाज कर रहे है। अबतक 150 पशुओं को इंजेक्शन लगाए जा चुके है। शहर मुकम्मल होने के बाद अब गांवों की तरफ रूख किया जा रहा है। एक पशु को तीन से चार इंजेक्शन लगाए जा रहे है।

बीमारी से कई पशुओं की स्किन को काफी नुकसान पहुंचा है। जिन्हें पट्टी भी की गई है। सुनाम में पशुओं का इलाज कर रहे नौजवान राकेश कुमार गागी, गौ बचाओ मुहिम के नेता मंयक, अभिनव व तुषार ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से दिन रात पशुओं की सेवा कर रहे है। गौशाला के साथ साथ बेसहारा पशुओं पर स्प्रे किया जा चुका है। प्रतिदिन बीमार पशुओं को आटे का पेड़ा दिया जा रहा है। जिसमें हल्दी, काली मिर्च, सरसो का तेल व शकर का मिश्रण डाला जाता है। जोकि पशु के लिए दवा का काम करता है। रोटरी क्लब सिटी की ओर से पशुओं के इलाज के लिए तीन डॉक्टर मुहैया करवाए गए है। शहर निवासी दवा के साथ साथ चारा व अन्य सामान भी दान कर रहे हैं।

53 पशु मरे, 178 बीमार रविवार को जिले में 53 पशुओं की मौत हो गई है व 178 पशुओं में लंपी स्किन के लक्षण पाए गए है। अबतक जिले में 393 पशुओं की मौत हो चुकी है। जबकि 3182 पशु बीमार हुए है। जिसमें से 1190 पशु तंदुरूस्त हो चुके है। रविवार को भी 182 पशु तंदुरूस्त हुए है। रविवार को विभाग ने 825 तंदुरूस्त पशुओं को वैक्सीन लगवाई। अबतक जिले भर में 11809 पशुओं को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। राहत की बात यह है कि विभाग को 10 हजार 164 वैक्सीन की डोज और प्राप्त हो गई है।

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