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खतरा:2 दिन में 139 पशुओं ने लंपी स्किन से दम तोड़ा, 626 बीमार, एक सप्ताह से लंपी स्किन ने जिले में अधिक जोर पकड़ रखा

संगरूरएक महीने पहले
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  • 7 दिन से औसतन रोजाना 70 पशु दम तोड़ रहे, 250 में लंपी स्किन के लक्षण मिल रहे

48 घंटे में जिले में 139 पशु लंपी स्किन से दम तोड़ चुके हैं जबकि 626 पशुओं में लक्ष्ण पाए गए। अब तक जिले में 532 पशुओं की मौत हो चुकी है। 3808 पशु बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। 1489 पशु बीमारी को मात देकर ठीक हो चुके हैं। अब तक पशु पालन विभाग 13360 पशुओं को वैक्सीन लगा चुका है। रविवार तक 393 पशुओं की मौत हुई थी जबकि 3182 पशु बीमार पड़े थे। एक सप्ताह से लंपी स्किन ने जिले में अधिक जोर पकड़ रखा है।

कर्ज लेकर खरीदे 2 पशुओं की मौत, तीसरा बीमारी से जूझ रहा- मेजर सिंह

पशु पालन विभाग का दावा है कि हालात काबू में है। एक सप्ताह में जिले में 489 पशुओं ने दम तोड़ दिया है। 1808 पशु बीमार पड़ चुके हैं। एक सप्ताह की औसत रोजाना 70 पशुओं की मौत हो रही है और 250 बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। औसतन ठीक होने वाली की संख्या रोजाना 140 है। गरीब घरों में पशुओं की मौत के कारण मातम पसरा है। दूध के सहारे चलने वाला परिवार का पालन पोषण रुक गया है। जिले में कई परिवार ऐसे भी हैं, जहां एक से अधिक पशु दम तोड़ चुके हैं। ऐसे में परिवार को पशुओं की मौत से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन की ओर से सरकार से पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग भी की है। भाकियू के जिला प्रधान अमरीक सिंह गंढूआ का कहना है कि पंजाब सरकार को पशुओं की मौत पर मुआवजा घोषित करना चाहिए। बीमारी पर काबू पाना चाहिए। पशुओं के दूध से गुजारा कर रहे सुनाम के बठिंडा रोड पर स्थित बाबा बाग वाली कॉलोनी निवासी दलित परिवार पर लंपी स्किन की बीमारी कहर बनकर उतरी है। तीन पशुओं में दो पशु दम तोड़ चुके है जबकि तीसरा पशु बीमारी से जूझ रहा है। दलित परिवार से संबंधित 45 वर्षीय मेजर सिंह ने बताया कि वह मजदूरी करता है। उसके पास एक गाय थी। उसने 45 हजार रुपए कर्ज लेकर दो गाय और खरीद ली थी। अभी पशुओं को खरीदे एक साल ही हुआ था कि एक महीने पहले तीनों गायों को लंपी स्किन की बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया। पिछले 15 दिनों में दो गायों ने दम तोड़ दिया। पशुओं को बचाने के लिए 20 हजार की दवाएं और डॉक्टरी सेवाओं पर भी खर्च किया।

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