पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

फील्ड स्टाफ को हिदायत दी गई:चीरा रहित नसबंदी का पुरुषों की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता : डॉ. सचिन कुमार

चमकौर साहिब2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

सिविल सर्जन रोपड़ डॉ. परमिंदर कुमार के निर्देशों और सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. गोबिंद टंडन सीएचसी चमकौर साहिब की अगुवाई में ब्लॉक चमकौर साहिब में नसबंदी पखवाड़े संबंधी सभी फील्ड स्टाफ को हिदायत दी गई है। इस मौके पर डॉ. सचिन कुमार ने कहा कि गांवों में पुरुषाें को चीरा रहित नसबंदी करवाने के लिए जागरूक किया जाए।

उन्होंने कहा कि मर्दों की चीरा रहित नसबंदी का पुरुषाें की सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि देश में सबसे पहले 1952 में परिवार नियोजन कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसके तहत बढ़ती आबादी की समस्या को कंट्रोल करने के लिए सेहत विभाग द्वारा जागरूकता अभियान शुरू किए गए।

इन अभियानों के दौरान लोगाें को बढ़ रही आबादी से होने वाली समस्याओं जैसे गरीबी, अनपढ़ता, बेरोजगारी आदि की भी जानकारी दी जाती है। इस मौके पर मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर नागर सिंह ने कहा कि चीरा रहित नसबंदी पुरुषों के लिए बहुत ही आसान परिवार नियोजन का पक्का, सुरक्षित तरीका है। इसे करने में सिर्फ 10 मिनट लगते हैं। नसबंदी करवाने उपरांत पुरुष आधे घंटे बाद अपने घर खुद चल कर जा सकता है।

इसके अलावा वे पहले की तरह कोई भी भारी काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि चीरा रहित नसबंदी करवाने वाले पुरुष को 1100 रुपए नकद और उत्साहित करने वाले को 200 रुपए नकद दिए जाते है।

इस मौके पर दविंदर सिंह मल्टीपर्पज हेल्थ सुपरवाइजर, निरंजन सिंह आईसीटीसी काउंसलर, लखवीर सिंह एमएलटी, गुरप्रीत सिंह, अतिंदर कौर सीएचओ कुलवीर सिंह, परविंदर कौर एलएलवी, रेणु बाला एएम, मंजू भूंबला बीएसए, रविंदर सिंह, परमजीत सिंह व अन्य मौजूद रहे।

खबरें और भी हैं...